अदालत.. प्रतीकात्मक चित्र
अदालत.. प्रतीकात्मक चित्र

ठाणे/भाषा। महाराष्ट्र स्थित ठाणे की अदालत ने अवैध रूप से भारत में रहने की दोषी दो महिलाओं को 10 महीने की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पिछले सप्ताह जिला न्यायाधीश राजेश गुप्ता की अदालत ने अपने आदेश में दोनों महिलाओं पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने आसमा खातून इलियास शेख (45) और लतीफा जमाल शेख (50) को पासपोर्ट कानून और विदेशी कानून के तहत दोषी ठहराया। अतिरिक्त लोक अभियोजक वर्षा चांदेन ने अदालत को बताया कि ठाणे पुलिस की मानव तस्करी प्रकोष्ठ ने इस साल फरवरी में मीरा रोड स्थित झुग्गी बस्ती में छापेमारी की थी।

उन्होंने कहा, छापेमारी के दौरान दो महिलाएं भागने लगीं जिन्हें पुलिस टीम ने पकड़ लिया। जब महिलाओं से उनकी राष्ट्रीयता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, न ही कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध करा सके। इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की गई।

अदालत ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि यह सजा पूरी होने के बाद दोनों महिलाओं को बांग्लादेश निर्वासित कर दिया जाए।