जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक

श्रीनगर/दक्षिण भारत। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं को श्रीनगर हवाईअड्डे से वापस भेजे जाने पर टिप्पणी की है। राहुल गांधी के साथ गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल और आनंद शर्मा सहित दस नेता कश्मीर गए थे, ​लेकिन उन्हें श्रीनगर हवाईअड्डे से ही वापस लौटना पड़ा।

इस घटनाक्रम पर राज्यपाल मलिक ने कहा कि अभी उनकी यहां कोई जरूरत नहीं है। उनकी जरूरत तब थी जब उनके सहयोगी संसद में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कांग्रेस नेताओं के लिए कहा कि यदि वे स्थिति को बढ़ाना चाहते हैं और दिल्ली में उनके द्वारा बताए गए झूठ को दोहराना चाहते हैं, तो यह अच्छा नहीं है।

राज्यपाल मलिक ने बताया कि उन्होंने राहुल को सद्भावना के तौर पर आमंत्रित किया था लेकिन उन्होंने इस पर मामले पर राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने इस प्रयास को राहुल एवं उनके सहयोगियों द्वारा की गई राजनीतिक कार्यवाही करार दिया। राज्यपाल मलिक ने नसीहत दी है कि ऐसे समय में राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखना चाहिए।

गौरतलब है कि राहुल के साथ जब उक्त नेता श्रीनगर पहुंचे तो उन्हें हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाने और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। हालांकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस फैसले का समर्थन भी किया। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बल मुस्तैदी से तैनात हैं। वहां धीरे-धीरे ज़िंदगी पटरी पर आ रही है।