वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। भाजपा की ओर से यह जवाब ऐसे समय आया है जब ​दिल्ली हिंसा के बाद कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को हटाने की मांग की।

जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दंगाग्रस्त क्षेत्रों में जाने की बजाय विधानसभा में इन दंगों में मरने वालों का मजहब बता रहे हैं। कल सोनियाजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आज राष्ट्रपति के दरवाजे पर पहुंचे और वहां भाजपा पर दोषारोपण कर रहे हैं।

जावड़ेकर ने कहा कि मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान गए और वहां बोले, ‘हमें शाहीन बाग़ से आशा नजर आ रही है।’ सलमान खुर्शीद और शशि थरूर ने इस तरह के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। आज ताहिर हुसैन को हर मीडिया चैनल दिखा रहा है, उनके घर से असलहा मिला है, दंगे की तैयारी मिली है, लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही चुप हैं।

जावड़ेकर ने कहा कि 56 पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों पर अन्य राजनीतिक दल चुप क्यों हैं? वे अंकित शर्मा और एक अन्य पुलिस अधिकारी की मौत पर चुप क्यों हैं? कई पत्रकारों पर भी हमले हुए हैं।

जावड़ेकर ने कहा कि यह दो दिन की हिंसा नहीं है, दो महीने से लोगों को उकसाया जा रहा है। सीएए पारित होने के बाद रामलीला मैदान में सोनियाजी की रैली हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये आर-पार की लड़ाई है, फैसला लेना पड़ेगा, इस पार या उस पार। उकसाने का काम वहीं से शुरू हुआ।

जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि साल 1984 में राजीव गांधी ने कहा था कि बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती है। साल 2020 में सोनिया गांधी ने कहा है कि यह आर-पार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सोनिया के वाक्य राजीव गांधी के बयान जितने ही गंभीर हैं।

जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि प्रियंका ने कहा था कि लाखों को बंदी बनाया जाएगा, जो नहीं लड़ेगा वो कायर कहलाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि आप डरो मत, कांग्रेस आपके साथ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी की नागरिकता नहीं जानी है, यह जानते हुए भी जान-बूझकर ऐसी गलत बयानी और डर पैदा करना ही इसकी पृष्ठभूमि है।

जावड़ेकर ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में है। गिरफ्तारियां की गई हैं, शीघ्र जांच की जा रही है, इस हिंसा के पीछे के असली अपराधियों को सामने लाया जाएगा।