कांग्रेस नेता राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी

नई दिल्‍ली/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। कांग्रेस नेताओं द्वारा बहुत आग्रह के बाद भी राहुल अपने फैसले पर ​’अडिग’ नजर आ रहे हैं। दरअसल कांग्रेस के लोकसभा सांसदों के साथ हुई बैठक में भी राहुल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पार्टी के अध्यक्ष की भूमिका में नहीं रहना चाहते। राहुल ने इसे स्वयं का फैसला बताते हुए कहा कि अगला कांग्रेस अध्यक्ष गैर-गांधी परिवार से चुना जाए।

इस बैठक में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पार्टी के सभी 52 लोकसभा सांसद मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, बैठक में सोनिया गांधी ने कुछ नहीं कहा, वहीं सांसदों ने एक बार फिर राहुल से आग्रह किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष बने रहें, क्योंकि पार्टी को आपकी जरूरत है। कांग्रेस के लोकसभा सांसदों ने यह भी कहा कि अभी और कोई विकल्प मौजूद नहीं है।

हालांकि राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों के इस आग्रह को नहीं माना। एक रिपोर्ट के अनुसार, बाद में शशि थरूर और मनीष तिवारी ने राहुल गांधी से कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ अध्यक्ष की नहीं, बल्कि यह सामूहिक है। बता दें कि 23 मई को आए लोकसभा चुनाव नतीजों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी तमाम दावों के बावजूद सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई और सिर्फ 52 सीटों तक सिमट गई। राहुल गांधी स्वयं अमेठी सीट से हार गए।

हार के कारणों की समीक्षा के लिए 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई थी, जिसमें राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। वहीं, पार्टी के नेताओं ने इस पेशकश को अस्वीकार कर उनसे पद पर बने रहने के लिए आग्रह किया था। कांग्रेस के कई नेता मीडिया के सामने राहुल से आग्रह कर चुके हैं कि वे इस ‘चुनौतीपूर्ण’ समय में पार्टी अध्यक्ष का पद न छोड़ें।

हाल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी कह चुके हैं कि पार्टी का अध्यक्ष ‘गैर-गांधी’ हो सकता है। हालांकि गांधी परिवार को भी संगठन में सक्रिय रहना होगा। इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर सोशल मीडिया में कयासों का दौर जारी है। चूंकि गहलोत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और गांधी परिवार के भी करीबी हैं। ऐसे में उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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