अखरोट
अखरोट

तिबुरॉन (अमेरिका)/भाषा। अगर आप रोजाना चार अखरोट खाते हैं तो कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं। दुनिया के 11 देशों के 55 विश्वविद्यालयों की ओर से किए गए अध्ययनों एवं इनसानों पर किए गए परीक्षण में साबित हुआ है कि अखरोट खाने से शरीर के लिए जरूरी रेशे, प्रोटीन, विटामिन और मैग्निशियम, असंतृत्प वसा, फॉसफोरस और ओमेगा-3 अल्फा लिनोलेनिक एसिड (एएलए) सहित खनिज पदार्थों की पर्याप्त आपूर्ति होती है।

अध्ययन के मुताबिक रोजाना चार अखरोट खाने से कैंसर, मोटापा, मधुमेह की बीमारी को दूर रखने के साथ वजन को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अखरोट खाने से संज्ञात्मक क्षमता, प्रजनन स्वास्थ्य एवं जीवनशैली संबंधी अन्य बीमारियों को भी दूर रखने में मदद मिलती है।

कैलिफोर्निया अखरोट आयोग के स्वास्थ्य अनुसंधान निदेशक कैरोल बर्ग स्लोआन ने बताया, अखरोट पोषक तत्वों के ऊर्जा केंद्र हैं और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा, पेड़ों से प्राप्त 93 तरह के मेवों में से केवल एक अखरोट ही पर्याप्त मात्रा में पौधे से प्राप्त एएलए की आपूर्ति करता है जो शरीर के लिए जरूरी फैटी एसिड है।

उन्होंने कहा, भारत में बड़ी आबादी शाकाहारी है और ओमेगा-3 और प्रोटीन की कमी से जूझ रही है। ऐसे में अगर वे रोजाना कुछ अखरोट खाएं या अपनी खुराक में शामिल करें तो यह बहुत स्वस्थ विचार होगा।

स्लोआन ने कहा, सभी तरह के मेवों को खाने में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि वे मोनोसैच्युरेटेड फैटी एसिड से परिपूर्ण हैं। इसके साथ ही अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो दिल को स्वास्थ रखता है। करीब 30 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम एएलए होता है जो सेहत के लिए जरूरी है पर शरीर में इसका उत्पादन नहीं होता।

उन्होंने कहा कि अखरोट वजन को नियंत्रण में रखने, मधुमेह, स्तन, मलाशय एवं प्रॉस्टेट कैंसर और दिल की बीमारी के खतरे को कम करने में मददगार है।

स्लोआन ने कहा कि खाने का संबंध मानव प्रजनन क्षमता से है लेकिन अधिकतर समय महिलाओं के खानपान पर ही ध्यान दिया जाता है और पुरुषों के खानपान को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने कहा, यह पाया गया है नियमित अखरोट खाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता में सुधार होता है।