अभातेयुप के राष्ट्रीय अधिवेशन का हुआ शुभारंभ

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। यहां के कुम्बलगुड स्थित महाश्रमण समवशरण में आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में शनिवार को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 53वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। आचार्यश्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में रायपसेणीय आगम क्रम को आगे बढ़ाया तथा केशी कुमारश्रमण और राजा परदेसी के व्याख्यान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

साध्वीश्री सम्बद्धयशाजी ने अपने वक्तव्य में सम्यक्त्व की व्याख्या करते हुए नास्तिक और आस्तिक के बारे में ़बताया। अधिवेशन का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कटारिया की अध्यक्षता में हुआ। आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में महावीर रांका एकलव्य भंसाली को युवा गौरव अलंकरण, रमेश सुतरिया को महाप्रज्ञ प्रतिभा पुरस्कार व अरविंद मांडोत को आचार्य महाश्रमण युवा व्यक्तित्व पुरस्कार प्रदान किया। साध्वीश्री नगीनाश्रीजी की पुस्तक आत्मदर्पण का लोकार्पण जैन विश्‍व भारती के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोहरा, व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मूलचंद नाहर, महामंत्री दीपचंद नाहर द्वारा किया गया। इस अवसर पर आचार्य महाप्रज्ञ पर आधारित विशेषांक का लोकार्पण अभातेयुप टीम द्वारा किया गया। आचार्य महाश्रमण चतुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति की तरफ से कृतज्ञता ज्ञापन क्रम में महासभा उपाध्यक्ष कन्हैयालाल गिड़िया, गुलाब बॉंठिया, वीणा बैद ने भावाभिव्यक्ति दी। पुलिस अधिकारी शरतचन्द्र ने आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवास समिति के उपाध्यक्ष बाबूलाल पोरवाल व तेजराज शर्मा ने शरतचन्द्र का सम्मान किया।

इस मौके पर व्यक्तित्व विकास के गुरु संत ज्ञानवत्सल व आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकरजी ने भी आचार्यश्री से मुलाकात की तथा अनेक विषयों पर चर्चा की।