कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

रांची/भाषा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां कहा कि उनकी सरकार ने पहले सौ दिनों में आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने, मुस्लिम बहनों के हितों की रक्षा तथा जम्मू-कश्मीर को विकास की उंचाई पर ले जाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘इन सभी मामलों में देश ने अभी उनकी सरकार का बस ट्रेलर देखा है, पूरी फिल्म तो अभी बाकी है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने यहां रांची की अपनी एकदिवसीय यात्रा के दौरान झारखंड के नवनिर्मित विधानसभा भवन का उद्घाटन करने समेत कई योजनाओं का शुभारंभ करते हुए हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने पूरे देश को किसानों के लिए पेंशन की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, व्यवसाइयों के लिए पेंशन की खुदरा व्यापारिक एवं स्वरोजगार पेंशन योजना एवं आदिवासी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एकलव्य मॉडल विद्यालय का भी शुभारंभ किया।

मोदी ने कहा, आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा, इसी उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर में उनकी सरकार ने अनुच्छेद-370 एवं 35ए जैसे प्रावधानों को खत्म करने का काम किया है। आतंकवाद के खिलाफ कानून को संसद के पहले सत्र में ही सख्त बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख को विकास की ऊंचाई पर ले जाना चाहती है और इन कदमों के साथ इसकी शुरुआत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अनेक वर्ग विकास की धारा से कटे हुए थे। उन्हें 370 जैसे प्रावधान हटाए जाने से विकास की मुख्य धारा में लाया जा सकेगा और पूरे राज्य का तेजी से विकास किया जा सकेगा।

मोदी ने भ्रष्टाचार के मामलों में हाल में पूर्व गृह एवं वित मंत्री पी चिदंबरम पर हुई कानूनी कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने दूसरी पारी प्रारंभ करते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को उनकी सही जगह पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। कुछ लोग अपने उचित जगह पहुंच भी गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता अटल है। कुछ लोगों ने इस देश में अपने आप को कानून और अदालतों से भी ऊपर समझ लिया था। आज वही लोग अदालतों से जमानत की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने अन्य भ्रष्टाचारियों पर भी शीघ्र कानून का शिकंजा कसने की ओर इशारा करते हुए कहा, अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है, बहुत काम बाकी है।

उन्होंने तीन तलाक जैसी प्रथा से मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए संसद के पहले ही सत्र में कानून पारित किए जाने की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, मेरी सरकार ने पहले सौ दिनों में ही मुस्लिम बहनों के हितों की रक्षा के लिए यह बड़ा कदम उठाया जबकि प्रमुख विपक्षी दलों ने सरकार का साथ नहीं दिया।