प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

मास्को/भाषा। रूस ने जम्मू-कश्मीर पर भारत द्वारा उठाए गए कदम का समर्थन करते हुए कहा कि यह भारतीय संविधान के दायरे में है और उसने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान आपसी मतभेदों को शिमला समझौते एवं लाहौर घोषणा के आधार पर द्विपक्षीय स्तर पर सुलाएंगे।

भारत ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के लिए अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था।

रूसी विदेश मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में कहा, मास्को उम्मीद करता है कि दिल्ली द्वारा जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बदलाव करने के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने नहीं देंगे।

मंत्रालय ने कहा, हम इस तथ्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बदलाव और उसे बांटकर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला भारतीय गणराज्य के संविधान के दायरे में है।

उसने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि इस फैसले के बाद संबंधित पक्ष क्षेत्र में तनाव बढ़ने नहीं देंगे। रूस भारत और पाकिस्तान के सामान्य रिश्तों का समर्थक है।

मंत्रालय ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देश मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से शिमला समझौता-1972 एवं लाहौर घोषणा पत्र-1999 के प्रावधानों के तहत द्विपक्षीय आधार पर सुलझाएंगे।