जेईई (मुख्य) परीक्षा सभी क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जानी चाहिए : ममता

कोलकाता/भाषा। पश्‍चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) गुजराती भाषा में कराने के लिए बुधवार को केन्द्र की आलोचना की। उन्होंने केन्द्र से पूछा कि बंगाली समेत सभी अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी शामिल क्यों नहीं किया जाना चाहिए। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2014 में उर्दू, मराठी और गुजराती भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में जोड़ा था। हालांकि 2016 में उर्दू और मराठी को हटा दिया गया लेकिन हिंदी और अंग्रेजी के साथ गुजराती जारी रही। बनर्जी ने ट्वीट किया, संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं लंबे समय से अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं में कराई जा रही है। हैरानी की बात है कि अब केवल गुजराती भाषा को जोड़ा गया है। ऐसा कदम बिल्कुल सराहनीय नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गुजराती भाषा वहां है तो बंगाली समेत सभी क्षेत्रीय भाषाओं को भी वहां होना चाहिए। बनर्जी ने कहा, हमारा देश भारत है, जो इतने सारे धर्मों, संस्कृतियों, भाषाओं, पंथों और समुदायों का एक केन्द्र है। मैं गुजराती भाषा को पसंद करती हूं। लेकिन अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है? उनके साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है।? तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा कि जब तक इस मुद्दे पर उचित ढंग से निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कड़ा विरोध होता रहेगा क्योंकि अन्य क्षेत्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों की भावनाएं इस अन्याय के कारण आहत होगी।