कांग्रेस की अं​तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी
कांग्रेस की अं​तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी

नई दिल्ली/भाषा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ बातचीत की और महाराष्ट्र में सरकार गठन के मुद्दे पर आगे की चर्चा के लिए पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को अधिकृत किया। कांग्रेस नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ विचारविमर्श करने के लिए शाम तक मुंबई के लिए रवाना होंगे।

इससे पहले, सोनिया ने आज सुबह फोन पर पवार के साथ बात की और अपने पार्टी नेताओं से कहा कि वे मुंबई जा कर राकांपा प्रमुख से मिलें। वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज सुबह शरद पवार से बात की और अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खरगे तथा मुझे पवार के साथ आगे की चर्चा करने के लिए अधिकृत किया। उन्होंने आगे कहा, हम तीनों मुंबई जा रहे हैं और पवार से यथाशीघ्र मुलाकात करेंगे।

इससे पहले, सोनिया ने पार्टी की कोर टीम के सदस्यों एके एंटनी तथा वेणुगोपाल के साथ अपने आवास पर विचारविमर्श किया। समझा जाता है कि अहमद पटेल ने भी सरकार गठन से जुड़े आयामों पर राकांपा के साथ चर्चा की। इससे पहले खरगे ने कहा था कि पार्टी नेतृत्व पवार से संपर्क बनाए हुए है और महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर राकांपा के साथ आगे की बातचीत चल रही है।

गौरतलब है कि शिवसेना ने सोमवार को दावा किया था कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना उसकी सरकार का समर्थन करने के लिए राकांपा और कांग्रेस ‘सैद्धांतिक समर्थन’ देने पर सहमत हो गई हैं लेकिन वह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा तय समयसीमा के पहले इन दलों से समर्थन पत्र नहीं ले सकी। राज्यपाल ने तीन दिन की और मोहलत देने के शिवसेना के अनुरोध को ठुकरा दिया था।

कांग्रेस वैचारिक रूप से अपनी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के साथ समझौते पर कोई फैसला जल्दबाजी में लेती प्रतीत नहीं हुई और उसने समर्थन देने के मुद्दे पर चुनाव पूर्व की अपनी सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ आगे और बातचीत करने का फैसला किया।

इससे राज्य में गैर-भाजपा सरकार बनाने के शिवसेना के प्रयासों को बड़ा झटका लगा। बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सोमवार रात को राकांपा को राजभवन में आमंत्रित किया। राकांपा राज्य में तीसरा सबसे बड़ा दल है। शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा के 288 सदस्यीय विधानसभा में 54 विधायक हैं जो भाजपा (105) और शिवसेना (56) के बाद तीसरा सबसे बड़ा दल है।