वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। लोकसभा चुनाव में शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस नेता इसकी वजह जानने के लिए मंथन में जुटे हैं। हार की असल वजह को लेकर पार्टी नेतृत्व की ओर से ज्यादा कुछ नहीं कहा गया लेकिन अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मीडिया के सामने यह स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी रणनीति में कई खामियां थीं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कांग्रेस की हार के लिए खासतौर पर चुनाव घोषणा पत्र के दो बिंदुओं को जिम्मेदार माना है। उन्होंने कहा कि राजद्रोह कानून समाप्त करने और आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट में बदलाव जैसी बातों को चुनाव घोषणापत्र में स्थान देने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा।

बता दें कि इन दोनों ही बिंदुओं का संबंध देश की सुरक्षा व्यवस्था से है, इसलिए जनता में इससे अच्छा संदेश नहीं गया। आनंद शर्मा ने बताया कि पुलवामा में आतंकी हमले और उसके बाद पाक स्थित बालाकोट में एयरस्ट्राइक से भाजपा ने अति-राष्ट्रवाद का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इसका राजनीतिकरण किया गया और कांग्रेस यहां संतुलन नहीं बना पाई।

सोचा नहीं था, इतनी बड़ी हार होगी
आनंद शर्मा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने कांग्रेस के घोषणापत्र में दिए गए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में आनंद शर्मा ने कांग्रेस के संकट में होने को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हां, संकट है क्योंकि इतनी बड़ी हार होगी, हमने ऐसा सोचा नहीं था।

लोकसभा चुनाव में हार के बाद पैदा हुए हालात पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे नामंजूर किया गया। उन्होंने कहा कि उसके बाद अब तक के समय में अनिश्चितता बनी रही। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें ईमानदारी से आगे बढ़ना चाहिए और जिन मुद्दों पर गलती हुई, उनके संबंध में आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

आनंद शर्मा ने पार्टी के बारे में कहा कि चुनाव के बाद हम खत्म होने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजद्रोह कानून समाप्त करना या अफस्पा में बदलाव को गलत तरीके से जनता के सामने रखा गया। उन्होंने तीसरे बिंदु के बारे में कहा कि उसका संबंध कश्मीर में सेना को तैनात करने से था।

तब भाजपा ने बोला था हमला
उल्लेखनीय है कि आनंद शर्मा कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के प्रभारी थे। जब कांग्रेस ने अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया तो भाजपा ने उस पर जोरदार हमला बोला था। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और अलगाववादियों व आतंकवादियों के मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के दस्तावेज में काफी खतरनाक विचार हैं और वह ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के साथ खड़ी हो गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी ऐसे पोस्ट काफी तादाद में देखे गए जिनमें इस बात का जिक्र था कि कांग्रेस की नीतियों से देश की सुरक्षा के सामने गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

‘न्याय’ पर भारी पीएम किसान योजना
कांग्रेस के बहुचर्चित वादे ‘न्याय’ योजना के बारे में आनंद शर्मा ने कहा कि इसका लोगों पर असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इसकी घोषणा चुनाव से कम से कम छह माह पहले होनी चाहिए थी। इसे अप्रैल में लाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि ‘न्याय’ योजना पीएम किसान योजना का मुकाबला नहीं कर सकी। चूंकि इसके जरिए लोगों को पहले ही धन मिलना शुरू हो गया था।

इसके अलावा आनंद शर्मा ने संगठन के ढांचे के बारे में कहा कि वहां तेजी से फैसले नहीं ले पाए। उन्होंने जिला और मंडल कांग्रेस समितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि ये सुस्त ​थीं तो इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए था। उन्होंने विभिन्न स्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कांग्रेस की कोई समिति नहीं थी, जबकि वे भाजपा और संघ के खिलाफ मैदान में थे।

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