प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/अयोध्या/भाषा। राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में शनिवार सुबह उच्चतम न्यायालय का फैसला आने से पहले देशभर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न धर्म गुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।

दिल्ली में फैसला सुनाने वाली संविधान पीठ के पांचों न्यायाधीशों के आवास के बाहर शुक्रवार से सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस संवेदनशील मामले में फैसला शनिवार सुबह साढ़े दस बजे सुनाया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा है कि फर्जी या भड़काऊ सामग्री से माहौल को बिगाड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर किये जाने वाले पोस्ट पर भी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के साथ एक घंटे बैठक की। अधिकारियों ने उन्हें राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अवगत कराया।

दरअसल, उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर एक नोटिस के माध्यम से शुक्रवार शाम जानकारी दी गई कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ शनिवार सुबह साढ़े दस बजे इस मामले में फैसला सुनायेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कल नौ नवंबर से 11 नवंबर तक प्रदेश के सभी स्कूल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देर शाम कहा कि अयोध्या पर उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वह किसी की हार-जीत नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात सिलसिलेवार ट्वीट कर यह अपील की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।

रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले से पहले अयोध्या छावनी में तब्ब्दील हो गयी है। जमीन से आसमान तक पुलिस निगरानी की व्यवस्था की गयी है। शहर के हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। आसमान से ड्रोन कैमरे चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं।

अयोध्या की सुरक्षा के प्रभारी एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडेय ने ‘भाषा’ को फोन पर विशेष बातचीत में बताया, ‘अयोध्या में सुरक्षा के लिये 60 कंपनी पीएसी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गये हैं। इसमें 15 कंपनी पीएसी, 15 कंपनी सीआरपीएफ और 10 कंपनी आरएएफ हाल में अयोध्या आयी है जबकि 20 कंपनी पीएसी पहले से ही यहां तैनात थी। इसके अलावा दूसरे जनपदों से आये सुरक्षाकर्मियों में 1500 सिपाही, 250 सब इंस्पेक्टर, 150 इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी, 11 एडिशनल एसपी तथा दो एसपी तैनात किये गये हैं। इसके अलावा अयोध्या के विभिन्न थानों में तैनात सुरक्षा बल तो पहले से ही यहां पर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आने वाले फैसले को जीत-हार के साथ जोड़कर न देखा जाए।

दिल्ली सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए शनिवार को शहर के सारे निजी स्कूलों को बंद रखने की सलाह दी है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह जानकारी दी। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बड़ा दी है और शहर के संवेदनशील इलाके में गश्त बढ़ा दी है। इसके अलावा सोशल मीडिया मंच पर भी नजर रखी जा रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में संलिप्त पाये जाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने कहा कि हिंसा या घृणा फैलाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट और व्हाट्सएप मैसेज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी गौतम बुध नगर, बृजेश नारायण सिंह ने कहा कि अगर सोशल मीडिया पर कोई ऐसा पोस्ट डालता है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, तो उसके खिलाफ गैंगेस्टर व रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। नोएडा पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। मेरठ के जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने नौ नवंबर से 11 नवंबर तक जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के मद्देनजर हिंदू तथा मुस्लिम धर्मगुरुओं ने समाज के सभी वर्गों से इस फैसले का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने शुक्रवार को बातचीत में कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला जल्द आने वाला है और जैसा कि हम शुरू से ही संविधान के दायरे में रहते आए हैं, अत: हम सभी को ऐसा कोई भी मुशायरा या प्रदर्शन नहीं करना चाहिए जिससे किसी के मजहबी जज्बात को ठेस पहुंचे।

इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मुल्क के तमाम मुसलमान संविधान और न्यायपालिका में विश्वास रखते हैं और यही वजह है कि मुस्लिम रहनुमा शुरू से ही कहते आए हैं कि अदालत का जो भी फैसला होगा उसे वह स्वीकार करेंगे।

उन्होंने कहा कि फैसले वाले दिन और उसके बाद न तो मुसलमान ‘अल्लाह हू अकबर’ के और न ही हिंदू ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाएं ताकि माहौल शांतिपूर्ण बना रह सके। लखनऊ के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पुरोहित सर्वेश शुक्ला ने कहा कि वह समाज के सभी वर्गों से सिर्फ यह अपील करना चाहते हैं कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करें। लोगों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह ऐसा कोई काम ना करें जिससे दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अयोध्या मामले में जो भी फैसला होगा, देश उसे खुले दिल से स्वीकार करेगा। लखनऊ के कैथोलिक डायोसियस के चांसलर फादर डोनाल्ड डिसूजा ने कहा कि हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यहां कानून सबके लिए बराबर है अत: सभी को अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

राजस्थान में अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान जैनुअल आबदीन अली खान ने पीटीआई-भाषा से कहा, मैं सभी हिन्दू-मुस्लिम सदस्यों और भारतीय नागरिकों से कानून- व्यवस्था बनाये रखने और अदालत के निर्णय का स्वागत करने की अपील करता हूं। यह समय एकता और भाईचारा दिखाने का है।

विभिन्न राज्यों में भी लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की गई है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू कश्मीर में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है। इसके तहत चार से अधिक लोग एक स्थान पर इकट्ठे नहीं हो सकते। केन्द्र शासित प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों को शनिवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं और नौ नवंबर को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।

झारखंड में अलर्ट जारी किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि कल सुबह 10.00 बजे मुख्य सचिव डा. डीके तिवारी सभी जिलों के उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य की विधि व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि न्यायालय के इस फैसले का हर किसी को सम्मान करना चाहिए और उन्होंने समाज के सभी तबके से शांति बनाए रखने की अपील की।

मुंबई और महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में भी पुलिस सतर्क है। एक अधिकारी ने मुंबई में यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए गए है। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राज्य में कानून व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया।

मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने की घोषणा की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी वर्ग के लोगों से अपील की है कि फैसला जो भी आये, सभी मिल जुलकर उसका सम्मान व आदर करें।

कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि अयोध्या भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज नौ नवंबर को बंद रहेंगे। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सभी नागरिकों से संयम रखने की अपील की।