ब्रिटेन
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लंदन/भाषा। ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने बुधवार को एक नई अंक आधारित वीजा प्रणाली पेश की, जिसका मकसद भारत सहित दुनियाभर से बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित करना और कम कुशल कर्मचारियों के प्रवेश को सीमित करना है।

ब्रिटेन के 31 जनवरी को यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने के बाद संक्रमण अवधि के खत्म होने पर एक जनवरी, 2021 से नई प्रणाली लागू होगी। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने के बाद यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच लोगों की वर्तमान खुली आवाजाही की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

नई प्रणाली यूरोपीय संघ के देशों और भारत जैसे देशों पर समान रूप से लागू होगी और ये किसी खास कौशल, योग्यता, वेतन और पेशे के आधार पर मूल्यांकन अंकों पर आधारित होंगे। अधिक मूल्यांकन अंक पाने वाले लोगों को वीजा दिया जाएगा।

ब्रिटेन में भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री पटेल ने कहा, आज पूरे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण है। हम मुक्त आवाजाही को समाप्त कर रहे हैं, अपनी सीमाओं का नियंत्रण वापस ले रहे हैं और एक नए ब्रिटेन में अंक आधारित आव्रजन प्रणाली को शुरू करके लोगों की प्राथमिकताओं को पूरा कर रहे हैं, जिससे कुल प्रवास में कमी आएगी।

नई दिल्ली में ब्रिटेन के कार्यवाहक उच्चायुक्त जॉन थॉम्पसन ने कहा, नई अंक आधारित प्रवासन प्रणाली ब्रिटेन में काम करने के इच्छुक भारतीय नागरिकों के लिए बहुत अच्छी खबर है। यह भारतीय आवेदकों को बराबरी का अवसर देता है और सर्वाधिक कुशल तथा प्रतिभावान लोगों को प्राथमिकता देता है, जो भारत में बहुतायत में हैं।