सांकेतिक चित्र
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पुणे/भाषा। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले में कई किसानों को उस समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए नामांकन के दौरान उनके नामों का अंग्रेजी में अनुवाद हो गया।

उत्तम नाम के एक किसान का नाम ऑनलाइन रूप में ‘बेस्ट’ दिखाई दिया और उपनाम सुतार ‘कारपेंटर’ में बदल गया। इसी तरह भगवान का अनुवाद ‘लॉर्ड’ हो गया और एक किसान जिसका उपनाम माली था, जो ‘गार्डनर’ हो गया।

प्रशासन द्वारा योजना के लाभार्थियों की सूची अपलोड किए जाने के बाद यह गड़बड़ी सामने आई। इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपए दिए जाते है। यह राशि दो-दो हजार रुपए के रूप में तीन किस्तों में दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि योजना के लिए किसानों के नामांकन के दौरान जमीनी स्तर पर गलत अनुवाद हुआ।

सांगली जिले में योजना के समन्वयक यासीन पटेल ने कहा, तलाठियों और ग्राम सेवकों जैसे जमीनी स्तर के अधिकारियों को पिछले वर्ष इस योजना के लिए किसानों के नामों का नामांकन करने का काम सौंपा गया था। उन्हें राजस्व विभाग की वेबसाइट से किसानों की सूची दी गई जो मराठी में थी।

उन्होंने कहा कि किसानों की संख्या बड़ी होने के कारण जमीनी स्तर के कर्मचारियों और ऑपरेटरों ने गूगल अनुवाद का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि पीएम-किसान पोर्टल के लिए इनपुट भाषा अंग्रेजी है। खाता संख्या और आधार विवरण का उपयोग करके योजना का लाभ दिया गया और कई किसानों को उनके खातों में पैसा मिला। उन्होंने कहा, यह (स्वत: अनुवाद) विशुद्ध रूप से एक डेटा प्रविष्टि मुद्दा था और इसे ठीक किया जा रहा है।