राजस्थान
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जयपुर/भाषा। राजस्थान सरकार ने राज्य के नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए एक नया कार्ड ‘जन आधार’ लाने की औपचारिक घोषणा कर दी है। अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 18 दिसंबर को यहां जन आधार योजना की शुरुआत होगी और अगले साल एक अप्रैल से यही कार्ड मान्य होगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए ‘जन आधार कार्ड’ के अस्तित्व में आने के बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा चलाया गया ‘भामाशाह कार्ड’ बंद हो जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि मौजूदा ‘भामाशाह कार्ड’ की जगह ‘जन आधार कार्ड’ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे अगले तीन महीने में पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जन आधार कार्ड 10 अंकों का विशिष्ट नंबर वाला होगा। इसका पंजीयन जन आधार पोर्टल या ई मित्र पर जाकर मुफ्त में कराया जा सकेगा।

राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इसी सप्ताह कैबिनेट की बैठक के बाद कहा था कि ‘पूरे राजस्थान में भामाशाह कार्ड 31 मार्च, 2020 तक रिप्लेस हो जाएगा। उसके बाद जन आधार कार्ड ही काम में आएगा। जन आधार कार्ड का नंबर अलग से बनेगा। भामाशाह कार्ड का नंबर 31 मार्च, 2020 के बाद काम में नहीं आएगा।

उल्लेखनीय है कि भामाशाह कार्ड की शुरुआत 2014 में तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने की थी। इसमें परिवार की महिला के नाम पर कार्ड जारी किया जाता है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली, निशुल्क चिकित्सा, पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ इसी कार्ड के जरिए लाभार्थी को मिलते हैं। इसमें नकदी का लाभ लाभार्थी के बैंक खाते में सीधा जाता है।

उल्लेखनीय है कि गहलोत ने जुलाई में पेश अपने बजट में राजस्थान जन-आधार योजना लाने की बात कही थी। इसकी गाइडलाइन के अनुसार इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 अंक की परिवार पहचान संख्या वाला जन-आधार कार्ड दिया जाएगा। परिवार में 18 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिला को मुखिया बनाया जाएगा। महिला नहीं है तो 21 वर्ष या इससे अधिक आयु का पुरुष मुखिया होगा।