दीक्षा आत्मविकास का मनोहर मंदिर है

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। यहां के विल्सन गार्डन स्थानक में साध्वीश्री प्रतिभाश्री जी म.सा के सान्निध्य में दीक्षार्थी सिमरन जैन और प्रीति जैन का सम्मान किया गया। इस मौके पर साध्वीश्री ने कहा कि दीक्षा अनादि काल से लगी भूख और तृष्णा को मिटा कर आत्मा को पुष्ट करने वाला दिव्य अमृत है। दीक्षा समस्त संसार के प्राणियों को अभयदान देकर आत्मा को निर्मल बनाने वाली पवित्र गंगा है। दीक्षा सम्यक दर्शन व ज्ञान तथा सम्यक चरित्र रूपी रत्नत्रयी की सुंदर खदान है। दीक्षा आत्मा में आश्रव स्थानों से आ रहे कर्म फल को रोकने के लिए श्रेष्ठ बांध है। दीक्षा कर्म बंधन की बेड़ी को तोड़कर आत्मा को बंधन रहित करने वाला महान योद्धा है। दीक्षा आत्म विकास का मनोहर मंदिर है। दीक्षा संसार सागर को पार करने हेतु श्रेष्ठ नौका है।
साध्वीश्री ने कहा कि ऐसी श्रेष्ठतम नौका में विराजमान होने के लिए संयम के मार्ग पर चलने के लिए दीक्षार्थी सिमरन और प्रीति जैन संयम रूपी नौका में बैठने के लिए तैयार है। दीक्षा अपने आप में भव्यता, दिव्यता,श्रेष्ठता और परमात्व की अनुभूति कराता है। दीक्षा आत्म कल्याण के लिए होती है और आत्म कल्याण की राह बड़ी कठिन है। राग द्वेष को छोड़कर कष्टों और कंटकों से भरपूर ऐसे संयम मार्ग को स्वीकारना कोई सामान्य बात नहीं और इस दीक्षा में ये विशेषता है। शुभ कर्मों के उदय से मन में वैराग्य भाव जागृत होते हैं तथा पुनवानी से ही दीक्षा होती हैं। विल्सन गार्डन श्री संघ के प्रांगण में दीक्षार्थी द्वय का विल्सन गार्डन श्रीसंघ की ओर से स्वागत किया गया। धर्म सभा का संचालन करते हुए अविनाश लोढ़ा ने बताया कि विल्सन गार्डन श्रावक संघ के सभी सदस्य, विल्सन गार्डन युवक मंडल ,राजुल महिला मंडल, प्रेरणा बहू मंडल सभी ने दीक्षार्थियों का स्वागत किया । दोनों दीक्षार्थियों की दीक्षा 8 दिसंबर को पूना के चिंचवाड़ में उपाध्यायश्री रवीन्द्रमुनिजी, रमणीकमुनि व साध्वीश्री रिद्धिमाजी के सान्निध्य में संपन्न होगी। गौतम धारीवाल ने साध्वीश्री प्रतिभाश्रीजी के वर्ष 2020 का चातुर्मास घोषित होने पर शुभकामनाएं दी।