भीषण विस्फोट ने नाटो के काफिले को बनाया निशाना

काबुल। राजधानी काबुल में नाटो के बख्तरबंद काफिले को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अन्य २५ लोग घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि तालिबान के वसंत में अपने अक्रामक हमले शुरू करने का ऐलान करने के एक दिन बाद यह हमला किया गया है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि हमला सुबह के समय भी़ड-भा़ड भरी स़डक पर अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय के पास किया गया। हताहत लोगों में अधिकतर आम नागरिक हैं।नाटो ने बताया कि गठबंधन के तीन सैनिक घायल हुए हैं लेकिन उनकी जान का खतरा नहीं है। यूएस फोर्सेज-अफगानिस्तान के प्रवक्ता ने कहा, उनकी स्थिति स्थिर है और अभी उनका इलाज गठबंधन के चिकित्सीय केंद्र में चल रहा है। उन्होंने उनकी नागरिकता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। अभी तक किसी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय और अफगान बल के लिए तालिबान के फिर गतिशील होने का खतरा ब़ढ गया है। अमेरिका अफगानिस्तान में नई रणनीतियां बना रहा है और नाटो सैनिको का स्तर ब़ढाने पर विचार कर रहा है।गृह मंत्रालय के प्रवक्ता दानिश ने कहा, हम अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट कैसे किया गया। लेकिन मैं इस बात की पुष्टि करता हूं कि विस्फोट के समय विदेशी बल वहां से गुजर रहे थे। एएफपी फोटोग्राफर एवं चश्मदीद ने बताया कि विस्फोट में वे दो भारी बख्तरबंद एमआरएपी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें विदेशी बल सवार थे और वही स़डक पर एक छोटा गड्ढ़ा भी हो गया। विस्फोट में आम नागरिकों की तीन कारें भी क्षतिग्रस्त होग गई वहीं एक में आग भी लग गई। वहीं कई मीटर दूर तक खि़डकियों में भी कंपन महसूस किया गया। दमकल विभाग की गाि़डया और एंबुलेंसों ने पी़डतों को मौके पर पहुंचाया। एक सुरक्षा कर्मी ने एएफपी को बताया कि काफिले में शामिल एक सफेद वाहन में विस्फोट होने से कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। तालिबान ने वसंत में हमले शुरू करने की बात कहने के एक दिन बाद यह हमला कई सवाल ख़डे करता है, जिसमें उसने अंतरराष्ट्रीय सैनिकों को निशाना बनाने का संकल्प लिया था।

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