मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी गुडीगेरे गांव में शहीद एच गुरु की पत्नी को सांत्वना देते हुए।
मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी गुडीगेरे गांव में शहीद एच गुरु की पत्नी को सांत्वना देते हुए।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) जवानों के काफिले पर हुए फिदायीन हमले में अपनी शहादत देने वाले कर्नाटक के सपूत एच. गुरु की मृतदेह शनिवार को भारतीय सेना के विशेष विमान से यहां के एचएएल हवाईअड्डे पर पहुंच गई। पूरे देश को गहरा सदमा पहुंचाने वाली इस हिंसक घटना में शहीद हुए गुरु को इस हवाईअड्डे से सड़क मार्ग से मंड्या जिले के मद्दूर स्थित पैतृक गांव तक पहुंचाया गया।

रास्ते में हजारों लोगों ने शहीद के प्रति अपनी श्रद्धांजलि दी। पुलवामा में फिदायीन हमले के दौरान गुरु के साथ ही सीआरपीएफ के लगभग 40 अन्य जवान शहीद हुए हैं। शुक्रवार को गुरु का शव प्राप्त करने के लिए एचएएल हवाईअड्डे पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा मौजूद थे। उन्होंने शहीद का शव प्राप्त करने के बाद उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके कफन पर पुष्पचक्र अर्पित किया।

कुमारस्वामी ने इस मौके पर शहीद की पत्नी कलावती को मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही कलावती को उनकी योग्यता के अनुसार राज्य शासन में रोजगार का अवसर देने की भी घोषणा की गई है। कलावती और गुरु की शादी मात्र आठ महीने पहले हुई थी। इस बीच, मंड्या जिला पंचायत के अध्यक्ष नागरत्नस्वामी ने फौरी राहत के तौर पर कलावती को 50 हजार रुपए का चेक प्रदान किया है। वहीं, पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रशासन की ओर से सारी जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं।

एचएएल एयरपोर्ट से पूरे सम्मान के साथ शहीद गुरु का शव मंड्या के पास उनके पैतृक गांव गुड्डीगेरे लाया गया। पूरे रास्ते में जगह जगह पर लोगों ने गा़डी को रुकवाकर शहीद को अपनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी, उपमुख्यमंत्री डॉ. जी परमेश्वर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव, सीएस पुट्टराजू, डीसी तिम्मन्ना, पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा, केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा, सांसद शोभा करंदलाजे, सांसद प्रताप सिम्हा, डीसी मंजुश्री सहित अनेक गणमान्य ने शहीद को अंतिम सलामी दी। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामवासियों के बीच रात 8.30 बजे के बाद शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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