आतंकी मसूद अजहर
आतंकी मसूद अजहर

संयुक्त राष्ट्र/दक्षिण भारत। पुलवामा हमले सहित कई बार मानवता को लहूलुहान कर चुके आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया है। यह भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस फैसले में छोटे, बड़े सभी (देश) साथ आए और मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में आतंकवादी घोषित किया गया। समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद।

बता दें कि पहले चीन अड़ंगा डालकर इस आतंकी को बचा लेता था। पुलवामा हमले के बाद भारत ने हर मोर्चे पर पाक को जवाब देने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र में उक्त आतंकी को बेनकाब करने के लिए भरपूर प्रयास किए। मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होने के बाद भारत का यह दावा और मजबूत हो गया है कि पाकिस्तान आतं​कवादियों को पनाह देता है।

मसूद अजहर कई वर्षों से आतंकवाद एवं भारतविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। उसके आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद भारत में बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे और आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने हमले के गुनहगार स्थानीय आतंकियों को मार गिराया। पाक के खैबर पख्तूनख्वाह में बालाकोट स्थित जैश के कैंप पर वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की।

चीन बन रहा था ‘दीवार’
मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में हर बार चीन ‘दीवार’ बनकर सामने आ रहा था। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस लगातार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रयास कर रहे थे। दूसरी ओर, चीन हर बार वीटो लगाकर इस आतंकी को बचा लेता था। इस तरह करीब 10 वर्षों में चीन ने चार बार वीटो लगाकर मसूद को बचाया। पांचवीं बार उसने भी रुख बदला और मसूद अजहर वैश्विक आतंकवादी घोषित हो गया।

क्या हैं संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई के मायने
संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले से पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव पड़ेगा। विदेशों में स्थित मसूद अजहर की संपत्तियां और खाते जब्त हो सकते हैं। उसे धन भेजने वालों पर कड़ी नजर होगी। इसके अलावा पाकिस्तान में उसे आतंकी कैंप और मदरसे बंद करने पड़ेंगे। दुनिया यह मानेगी कि पाक आतंकियों को पनाह दे रहा है। इससे पाक में निवेश प्रभावित होगा। कंगाली के कगार पर आ चुकी उसकी अर्थव्यवस्था को और नुकसान हो सकता है। पाक को विदेशों से आर्थिक सहायता मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चौतरफा दबाव से पाक को मसूद सहित अपने पाले हुए आतंकियों के खिलाफ मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ेगी।

इमरान का ‘नया पाक’ बेनकाब
पाक में सत्ता में आने से पहले इमरान खान तब्दीली का नारा लगाते और दावा करते थे कि वे ‘नया पाकिस्तान’ बनाएंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इस दावे को कई बार दोहराया। खासतौर से पुलवामा हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान को शांति का दूत बताने की भरसक कोशिश की। हालांकि मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होते ही इमरान का ‘नया पाक’ बेनकाब हो गया है। पहले से ही आतंकवाद को लेकर काफी आलोचना झेल रहे पाकिस्तान के बारे में दुनिया को मालूम हो रहा है कि यह आतंकियों की जन्नत है।

देश-दुनिया की हर ख़बर से जुड़ी जानकारी पाएं FaceBook पर, अभी LIKE करें हमारा पेज.

LEAVE A REPLY

two × five =