सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। रूस से एस-400 सौदे के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है। चूंकि इस महत्वपूर्ण सौदे के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि अमेरिका नाराज होकर भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है। इस पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है ​कि भारत स्वतंत्र नीति पर चलता है। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि भारत रूस से कामोव हेलीकॉप्टर और विभिन्न अस्त्र प्रणाली लेने का इच्छुक है।

जनरल रावत यहां जनरल केवी कृष्ण राव स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और रूस यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां रूसी नौसेना के एक अधिकारी ने उनसे पूछा कि भारत का झुकाव अमेरिका की ओर लगता है, जिसने रूस पर पाबंदियां लगा रखी हैं। वहीं अमेरिका ने रूस से सौदा करने की सूरत में भारत पर पाबंदियों की धमकी दी है। तब जनरल रावत ने जवाब दिया, ‘हां, हमें अहसास है कि हम पर पाबंदियां लगायी जा सकती हैं, लेकिन हम स्वतंत्र नीति पर चलते हैं।’

जनरल रावत ने कहा कि रूसी हमारी सेना और सशस्त्र बलों के साथ मिलकर आगे बढ़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वे समझते हैं कि हम मजबूत सेना हैं और हमारी रणनीतिक चिंतन प्रक्रिया के आधार पर जो हमारे लिए सही है, उसके पक्ष में हम खड़े रहने में समर्थ हैं।

बता दें कि भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 5 अक्टूबर को सौदा तय हो चुका है। यह अरबों डॉलर का सौदा है जिस पर अमेरिका के अलावा चीन और पाकिस्तान की गहरी नजर है। खासतौर पर पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर जोरदार बहस छिड़ी है। इस बीच यह भी चर्चा है कि रूस के साथ इतना बड़ा सौदा कर भारत ने बड़ा जोखिम लिया है, क्योंकि अमेरिका ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सेक्शंस एक्ट’ के तहत प्रतिबंधों की घोषणा कर सकता है।

अमेरिका इस कानून के जरिए ईरान, उत्तर कोरिया और रूस के साथ सख्ती बरत चुका है। अब भारतीय सेना प्रमुख ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भारत इस सौदे के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखेगा। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की कई खूबियां है। यह एकसाथ कई हवाई खतरों को भांप सकता है। यही नहीं, यह एक ही बार में कई टारगेट को नष्ट कर सकता है। इसके अलावा यह अमेरिका के तेज रफ्तार वाले विभिन्न लड़ाकू विमानों को धराशायी कर सकता है। रूस ने इसका परीक्षण कर इसे हवाई सुरक्षा के लिए काफी कारगर पाया है।

भारत यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सुरक्षा के मसलों को लेकर वार्ता की। इसके बाद दोनों नेताओं ने इस सौदे को आगे बढ़ाने का फैसला किया। विभिन्न रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भारतीय सेना के हाथों में आकर इसकी ताकत में और ज्यादा इजाफा कर देगा। चूंकि भारत के समक्ष पाकिस्तान और चीन का गंभीर खतरा है और अतीत में भी हम पर विदेशी आक्रमण होते रहे हैं। इसलिए देश की सुरक्षा के लिए सेना के पास अत्याधुनिक उपकरण होने बेहद जरूरी हैं।

ये भी पढ़िए:
– बैंक मैनेजर का कारनामा: अमीरों के खातों से रकम निकाल गरीबों को भेजी, बांट दिए करोड़ों
– राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मप्र में क्या है सीटों का गणित और कौन बिगाड़ सकता है चुनावी बिसात?
– इन 5 राज्यों में बज गया चुनावी बिगुल, जानिए कहां कब होगा मतदान
– बंदर को बस चलाना सिखा रहा था ड्राइवर, वायरल हुआ यह वीडियो
– क्या राजस्थान में तीसरे मोर्चे के नाम पर सियासी जुगलबंदी कांग्रेस को पहुंचाएगी नुकसान?

LEAVE A REPLY

16 − fifteen =