कुलदीप सेंगर
कुलदीप सेंगर

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। उन्नाव मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत में गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी ने कहा है कि विधायक ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता से मारपीट की। यही नहीं, राज्य पुलिस का भी गलत इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के पिता को तीन पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य के साथ मिलीभगत कर हथियार कानून मामले में फंसाया गया।

सीबीआई ने अदालत में कहा कि विधायक और उसकी करतूतों में साथ देने वालों ने एफआईआर दर्ज करवाई और पीड़िता के पिता पर देसी पिस्तौल और पांच कारतूस होने का आरोप लगा दिया। इसके अलावा एफआईआर में यह भी कहा गया कि पीड़िता के पिता ने विधायक के भाई अतुल एवं पांच अन्य लोगों को अभद्र शब्द बोले। बाद में पीड़िता के पिता ने न्यायिक हिरासत में दम तोड़ दिया।

फिर लगे खाकी पर दाग
सीबीआई की ओर उसे उसके वकील अशोक भारतेंदु ने अदालत में कहा कि ये तीन पुलिस अधिकारी माखी के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक कामता प्रसाद और कांस्टेबल आमिर खान हैं। इन पर पीड़िता के पिता के साथ मारपीट के आरोप हैं। बताया गया कि भदौरिया व प्रसाद को जमानत मिल गई और आमिर को गिरफ्तार नहीं किया गया। दूसरी ओर, शैलेंद्र सिंह, विनीत मिश्र, बीरेंद्र सिंह, शशि प्रताप सिंह और राम शरण सिंह ने आरोपों से इनकार किया।

क्या था मामला?
सीबीआई ने अदालत को बताया कि 3 अप्रैल, 2018 को पीड़िता के पिता और शशि प्रताप सिंह के बीच कहासुनी की घटना हुई थी। इस संबंध में दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि 13 जुलाई, 2018 को पीड़िता के पिता और उसके सहयोगी अपने गांव आ रहे थे। उन्होंने ​शशि प्रताप से कहा कि वह गांव तक लिफ्ट दे। शशि ने इसके लिए मना कर दिया। इससे दोनों में ​कहासुनी होने लगी।

कानून का दुरुपयोग
आरोपपत्र में कहा गया है कि बाद में शशि ने अपने साथियों को बुलाया। विधायक का भाई अतुल भी घटनास्थल पर पहुंचा और पीड़िता के पिता और उसके साथी की पिटाई की। पीड़िता के पिता को थाने लाकर एफआईआर दर्ज करा दी और गिरफ्तारी कराई। बताया गया कि विधायक सेंगर जिला पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी भदौरिया के संपर्क में था। जिस डॉक्टर ने पीड़िता के पिता की जांच की, उससे भी बात की।

पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई। सीबीआई ने अदालत में कहा कि विधायक के पास ऐसी साफ वजह थी कि वह अपने रौब का इस्तेमाल कर पीड़िता के पिता को अवैध हथियार रखने के झूठे मामले में फंसा दे। पीड़िता के वकील ने अदालत में कहा कि उन्नाव जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी के खिलाफ भी आरोप तय किए जाने चाहिए।

LEAVE A REPLY

six + sixteen =