येडियुरप्पा ने नेलमंगला से बाले के बीच आरओ-आरओ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

येडियुरप्पा ने नेलमंगला से बाले के बीच आरओ-आरओ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

येडियुरप्पा ने नेलमंगला से बाले के बीच आरओ-आरओ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

आरओ-आरओ ट्रेन को रवाना करते हुए सीएम येडियुरप्पा

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने रविवार सुबह 9.15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेलमंगला (बेंगलूरु के नजदीक) से बाले (सोलापुर के नजदीक, महाराष्ट्र) के बीच रोल-ऑन/रोल-ऑफ (आरओ-आरओ) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी, कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस संबंध में जानकारी देते हुए दक्षिण पश्चिम रेलवे ने कहा कि आरओ-आरओ विभिन्न लदे हुए सड़क वाहनों को खुले रेलवे वैगनों से ले जाने की एक अवधारणा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, भारत को विकास के अगले स्तर तक ले जाने के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का विचार प्रस्तुत किया था। आरओ-आरओ सेवाएं इस अर्थ में सड़क और रेल परिवहन की सर्वोत्तम विशेषताओं का संयोजन हैं कि वे जरूरत की चीजों को प्रत्यक्ष रेल लिंक द्वारा ले जाकर सुलभ बनाती हैं।

यह ट्रेन महाराष्ट्र में सोलापुर के नजदीक बाले पहुंचने के लिए धर्मावरम गुंटाकल, रायचूर और वाड़ी होते हुए जाएगी। इसे लगभग 682 किमी दूर स्थित अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने में 17 घंटे लगेंगे। इस ट्रेन के जरिए एक समय पर माल के साथ 42 ट्रक/लॉरी को ले जाया जा सकता है।

बता दें कि मंत्री सुरेश अंगड़ी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच आवश्यक वस्तुओं के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए आरओ-आरओ सेवा शुरू करने में गहरी दिलचस्पी ली। आरओ-आरओ ट्रेन में माल के साथ जो वाहन लदे होते हैं, उनके चालक और सहायक भी उनमें बैठे होते हैं। जब उनका गंतव्य आ जाता है, उन्हें उतार दिया जाता है, जिसके बाद वे ड्राइव करते हैं।

कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण यात्री ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया, लेकिन देशभर में वस्तुओं के परिवहन के लिए माल गाड़ियां चल रही हैं। आरओ-आरओ सेवा दोनों राज्यों के बीच वस्तुओं के परिवहन में मौजूदा अड़चनों को दूर करेगी एवं सुरक्षित, त्वरित और अधिक विश्वसनीय परिवहन की सुविधा प्रदान करेगी।

आरओ-आरओ सेवा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करेगी, जिससे सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही, ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। यह आवश्यक वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और छोटे कार्गो के तेजी से परिवहन को सुनिश्चित करेगी। यह माल की बड़े पैमाने पर आवाजाही की सुविधा देती है और प्रदूषण को कम करती है। सड़क मार्ग से परिवहन की तुलना में इससे लागत भी कम आएगी।

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