दहेज एवं बाल विवाह बड़ी सामाजिक कुरीति : नीतीश

दहेज एवं बाल विवाह बड़ी सामाजिक कुरीति : नीतीश

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दहेज एवं बाल विवाह को ब़डी सामाजिक कुरीति बताया और कहा कि दहेज एवं बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कुछ समय पहले शुरु की गई पहल कारगर साबित हो रही है। कुमार ने शुक्रवार को यहां सचिवालय स्थित संवाद भवन के समक्ष ‘दहेज मुक्ति जागरुकता रथ‘ को झंडी दिखाकर रवाना करने से पूर्व आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक ब़डी सामाजिक कुरीति है, जिसे ज़ड से मिटाना जरुरी है। बिहार में दहेज-प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए एक सशक्त अभियान चलाया गया है। केंद्र सरकार के आंक़डे पर गौर किया जाएतो महिला अपराध में बिहार का २६वां स्थान है, लेकिन दहेज संबंधी अपराध में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यदि दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर काबू पा लिया जाय तो महिलाओं के खिलाफ हो रहे घटनाओं में ब़डा परिवर्तन आएगा। मुख्यंमत्री ने कहा, ‘बाल विवाह की शिकार महिलाओं के बच्चे बौनेपन के शिकार होते हैं। दुनियां में लोगों की लंबाई ब़ढ रही है, हमारे यहां कम हो रही है। हमारा आग्रह है कि इन सामाजिक विषयों पर कोई राजनीति न हो, सभी अपना योगदान दें, कमी को उजागर करें। समाज सुधार अभियान को मीडिया भी आवश्यक स्थान दें। चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में शराबबंदी, नशामुक्ति के साथ-साथ हमलोगों ने दहेज विरोधी एवं बाल विवाह विरोधी अभियान को चलाया है। यदि हम इसमें कामयाब होते हैं तो समाज में ब़डा परिवर्तन आएगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।‘ कुमार ने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह के अलावा बिहार अब पूर्ण शराबबंदी से नशामुक्ति की ओर कदम ब़ढा चुका है। इस कार्य में मीडिया का सहयोग मिल रहा है, जिससे इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की रफ्तार और तेज हुई है। शराबबंदी से समाज में अमन, चैन कायम हुआ है और अब लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है, जिसके कारण गरीबों के घर-आंगन में भी खुशहाली लौटी है, वह चाहे गांव हो या फिर शहर। कुमार ने कहा कि अब बिहार दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ उठ ख़डा हुआ है, जिसको देखते हुए २१ जनवरी २०१८ को एक बार फिर मानव श्रृंखला पूरे बिहार में बनाई जाएगी। इसको सफल बनाने के लिए आप लोगों का भी सहयोग जरुरी है। इसके लिए हर किसी को संकल्प लेने की आवश्यकता है ताकि बिहार से इन सामाजिक कुरीतियों का खात्मा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसान से आप सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह कानून तो पहले से ही बना हुआ है, लेकिन जब तक लोगों में इसके प्रति जागृति नहीं आएगी, लोग सजग नहीं होंगे, तब तक यह दहेज प्रथा और बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप बना रहेगा, जिसे हर हाल में खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि अभियान को सामाजिक समर्थन जब से मिलने लगा है, इसमें तेजी आई है और यह अभियान सफलता की तरफ ब़ढ चला है। कुमार ने कहा, ‘बिना दहेज के शादी करने वालों को हम खुद ही फोन से बधाई देते हैं और मौका मिलने पर उनके घर पर भी जाते हैं। दहेज नहीं लेकर शादी करने वालों के प्रति यह सम्मान है। इन कुरीतियों के खिलाफ हम सबको राजनीति से हटकर एकजुट रहना है। बिहार से बाहर के लोग हमारे इस तरह के अभियान को जानने के लिए बिहार आ रहे हैं। इन सब गतिविधियों से बिहार की प्रतिष्ठा ब़ढी है। ‘ इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मशाल जलाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ पूरे बिहार का भ्रमण कर दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीति के प्रति लोगों को जागरुक करेगी।

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