अब 7 लाख रुपए तक की सालाना आय वालों को नहीं देना होगा टैक्स

करदाताओं को राहत

अब 7 लाख रुपए तक की सालाना आय वालों को नहीं देना होगा टैक्स

वर्तमान में 5 लाख रुपये तक की आय वाले को कोई आयकर नहीं देना पड़ता था

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट पेश करते हुए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि करदाताओं को राहत दी जा रही है। वर्तमान में 5 लाख रु. तक की आय वाले को कोई आयकर नहीं देना पड़ता था। अब 7 लाख रुपए तक की सालाना आय वालों को टैक्स नहीं देना होगा।

आयकर स्लैब की संख्या छह से घटाकर पांच की गई। तीन से छह लाख रुपए पर 5 प्रतिशत और छह से नौ लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, नौ लाख रुपए से 12 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत और 12 लाख रुपए से 15 लाख रुपये 20 प्रतिशत और 15 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप के आयकर लाभ को एक साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव है। सरकार शहरी बुनियादी ढांचा विकास कोष के लिए हर साल 10,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

महिला सम्मान बचत पत्र मार्च 2025 तक उपलब्ध होगा। महिला या लड़की के नाम पर दो लाख रुपए तक का निवेश किया जा सकेगा।

सरकार का 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है। ऑनलाइन गेमिंग के लिये 10 हजार रुपए टीडीएस की न्यूनतम सीमा हटाने का प्रस्ताव है।

जेलों में बंद ऐसे गरीब व्यक्तियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो जुर्माने की राशि या जमानत भरने की स्थिति में नहीं हैं।

टेलीविजन के ओपन सेल के कलपुर्जों पर सीमा शुल्क घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है। साल 2022 में डिजिटल लेनदेन की संख्या 76 प्रतिशत बढ़ी। इसके मूल्य में 91 प्रतिशत की वृद्धि हुई। राजकोषीय समर्थन जारी रहेगा।

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