ट्राई को बधाई

ट्राई को बधाई

भूमंडलीकरण के इस दौर में दुनिया को जो़डने वाले इंटरनेट के उपयोग में किसी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं हो सकता। गाहे-बगाहे दुनिया की कुछ संस्थाएं व दूरसंचार कंपनियां पिछले दरवाजे से नेट निरपेक्षता को पलीता लगाने की कोशिश में रहती हैं। ऐसे माहौल में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं जिनसे निश्चित रूप से उपभोक्ताओं को फायदा होगा। पूरी दुनिया में नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर मुहिम चलती रही है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इसके समर्थन में जोरदार ढंग से ख़डे नजर आए लेकिन अब वहां भी नेट निरपेक्षता के विरुद्ध कुछ कंपनियां मुहिम चला रही हैं। पिछले कुछ समय में पुर्तगाल समेत कई देशों ने इसे खत्म किया है। यही वजह है कि भारत में नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थन में मुहिम चलती रहती है। लाखों लोगों ने इसके समर्थन में राय व्यक्त करके नेट निरपेक्षता के पक्ष में राय दी। अब लंबे विमर्श के बाद ट्राई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि हर व्यक्ति को समान रूप से नेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों के लाइसेंस करार में संशोधन की जरूरत है। ट्राई का कहना है कि नेट पर किसी भी सामग्री के उपयोग के लिए सेवा प्रदाता कंपनी न तो अलग चार्ज ले सकती है और न ही मुनाफे के लिए इंटरनेट की गति में बदलाव कर सकती है।दरअसल, आज पूरी दुनिया में नेट निरपेक्षता को लेकर व्यापक बहस जारी है। समर्थकों का मानना है कि इंटरनेट का उपयोग एक खुले यातायात की तरह होना चाहिए। इसका उपयोग करने वालों को यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त चार्ज और भेदभाव के मिलनी चाहिए। कुछ वर्ष पूर्व फेसबुक ने रिलायंस व कुछ अन्य सर्विस प्रदाता कंपनियों के साथ मिलकर फ्री बेसिक्स मुहिम चलाई थी। फेसबुक की महत्वाकांक्षा का पता इस बात से चलता है कि उसने इसके प्रचार में तीन सौ करो़ड रुपए खर्च किए थे। इसमें साझीदारी कंपनियों के उपभोक्ताओं को तो डाटा मुफ्त मिलता मगर अन्य सर्विस प्रदाता कंपनियों के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना प़डता। ट्राई के सख्त रवैये के चलते फेसबुक की यह योजना सिरे नहीं च़ढ सकी। वहीं कुछ वर्ष पूर्व एयरटेल ने भी इंटरनेट के जरिये कॉल करने वालों से अलग शुल्क वसूलने का फैसला किया था, जो उपभोक्ताओं के विरोध के कारण सिरे नहीं च़ढ सका। दरअसल कुछ कंपनियां अपने मुनाफे के लिये इंटरनेट को, भेदभाव करके महंगा बनाना चाहती हैं्। जरूरी है नेट सुविधा पर सबका समान हक हो। जरूरी है कि सरकार नेट निरपेक्षता के लिए जारी ट्राई की सिफारिशों को यथाशीघ्र अमली जामा पहनाए्। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने को सार्थक और सच बनाने के लिए यह जरूरी है।

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