स्वास्थ्य मंत्री ने निलावेम्बु कुडीनीर पाउडर वितरण की शुुरुआत की

स्वास्थ्य मंत्री ने निलावेम्बु कुडीनीर पाउडर वितरण की शुुरुआत की

चेन्नई। राज्य के सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढने के साथ ही डेंगू एवं अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार की ओर से धीमीगति से कदम उठाए जाने के कारण राज्य सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। अब राज्य सरकार की नींद टूटी है और इसने डेंगू को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाना शुरु कर दिया है। मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ सी विजय भाष्कर ने अन्ना नगर स्थित अरिंगर अन्ना सरकारी अस्पताल में तीन दिवसीय डेंगू बुखार जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने चेन्नई में ५०,००० लोगों के बीच निलावेम्बू कुडीनीर और पाउडर वितरित करने के लिए एक कार्यक्रम भी शुरु किया।ठ्ठय्स्र€ट्टद्यह्र ृय्स्द्य द्बष्ठ्यठ्ठ·र्ैंध्डद्मय्त्र·र्ैंह्žय्द्य च्णय्ख़य्ह्र ·र्ैंह्य·र्ैंद्भय् ख्द्भय् त्रस्द्मय्त्रइस अवसर पर मंत्री ने कहा कि डेंगू के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और मेडिकल पाठ्यक्रमों के स्नातकोत्तर छात्रों को तैनात किया गया है। यह लोग घनी आबादी वाले तथा डेंगू फैलने के लिए संवेदनशील इलाके जैसे कि मरीना, पेरियामेडु, माम्बलम और चूलैमेडू जैसे इलाकों में निलेवेम्बु कुडीनीर पाउडर का वितरण करेंगे। अगले तीन दिनों में प्रति दिन ५०,००० लोगों तक पहुंचने और उन्हें डेंगू के बारे में जागरुक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोगों तक पहुंचने में आसानी हो इसलिए डॉक्टरों के लिए ३० ऑटो और तीन जीप की व्यवस्था की गई है। र्ीं,ूर्बीं ·र्ष्ठैंत्त्श्नह्र झ्द्य ्यद्बध्ष्ठख्य्यद्मध्य्प्ष्ठद्धरु ·र्रुैंठ्ठर्‍द्मर्‍द्य झ्य्प्ठ्ठद्यनिलावेम्बू कुडीनीर सभी १,४९१ आयुर्वेद और सिद्ध अस्पतालों में भी उपलब्ध है। यह सभी सरकारी अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही शहर के गैर सरकारी स्वयंसेवी संस्थाओं को भी निलावेम्बू कुडीनीर पाउडर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों, विशेषकर बच्चों के बीच इसका वितरण कर सकें। उल्लेखनीय है कि निलेवेम्बु कुडीनीर एक पेय मिश्रण है जिसका सेवन करने से डेंगू से ल़डने के लिए शरीर में रोग प्रतिरोधि क्षमता विकसित होती है। और एनजीओ को प्रदान किया जाएगा, उन्होंने कहा।डप्य्ड्वद्भ द्बैंख़य्र्‍ द्मष्ठ ·र्ैंब्य् द्यय्ःद्भ द्बष्ठ्र ·र्ैंद्ब ब्ह् द्यब्ष्ठ ठ्ठष्ठ्रख्रू ·र्ष्ठैं द्बय्द्बध्ष्ठइस वर्ष अब तक चेन्नई में १०,००० से ज्यादा डेंगू मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके बारे में, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, चेन्नई में आंक़डे अधिक हैं क्योंकि कांचीपुरम, तिरुवल्लुर, तिरुवन्नमलै के अस्पतालों से बेहतर इलाज के लिए भेजे गए मरीज यहां के अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पूरे तमिलनाडु के आंक़डों पर गौर करें तो डेंगू के मामलों में कमी आ रही है। सेलम जिले के २० ब्लॉकों में से १६ ब्लॉकों में डेंगू के मरीजों की संख्या कम होने की जानकारी मिली है। सरकार डेंगू से शून्य मृत्यु दर करने की दिशा में प्रयासरत है।द्बमच्णद्य ज्यद्मत्र द्यह्ख् ·र्ष्ठैं्यद्मद्भैंख़य्ह्लय् ·र्ष्ठैं ्यध्ॅ र्ींि.ू्रु·र्ैंद्यह्ठ्ठणक्क ृय्प्ैं्यट्टत्रराज्य में मच्छर जनित रोग के नियंत्रण के लिए १६.४० करो़ड रुपए आवंटित किए गए हैं। राज्य भर में रक्त जांच के लिए ८३७ रक्त जांच केन्द्र बनाए गए हैं जिनमें रक्त की जांच कर ४० सेकेंड में परिणाम बताने वाले उपकरण २३.५० करो़ड रुपए की लागत से खरीद कर उपलब्ध करवाए गए हैं। आगामी गुरुवार को डेंगू रोधी दिवस घोषित किया गया है। इस दिन राज्य में विभिन्न स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए और मच्छरों के लार्वा को मारने के लिए क्लोरीनेशन अभियान चलाया जाएगा और लोगों को जागरुक किया जाएगा । डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में विशेष वाहनों की मदद से फॉगिंग की जाएगी।

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