साल 2014 से पहले हम निराशा के गर्त में डूब चुके थे, आज देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है: मोदी

'यह बहुत सुखद है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद भारतीय प्रवासी समाज से पहला संवाद हो रहा है'

साल 2014 से पहले हम निराशा के गर्त में डूब चुके थे, आज देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है: मोदी

Photo: Photo: narendramodi FB page

मास्को/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रूस की राजधानी मास्को में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अकेला नहीं आया हूं, अपने साथ बहुत कुछ लेकर आया हूं। मैं अपने साथ हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लेकर आया हूं, 140 करोड़ देशवासियों का प्यार लेकर आया हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बहुत सुखद है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद भारतीय प्रवासी समाज से मेरा पहला संवाद यहां आपके साथ हो रहा है। आज के ही दिन मुझे शपथ लिए पूरा एक महीना हुआ है। आज से ठीक एक महीने पहले मैंने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उसी दिन मैंने एक प्रण लिया था कि अपने तीसरे कार्यकाल में तीन गुनी ताकत, तीन गुनी रफ्तार से काम करूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भी एक संयोग है कि सरकार के कई लक्ष्यों में भी तीन का अंक छाया हुआ है। सरकार का एक लक्ष्य है, तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना। सरकार का लक्ष्य है- तीसरे कार्यकाल में गरीबों के लिए 3 करोड़ घर बनाना। सरकार का लक्ष्य है- तीसरे टर्म में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि आज का भारत जो लक्ष्य ठान लेता है, वह पूरा करके ही रहता है। आज भारत वह देश है, जो चंद्रयान को चंद्रमा पर वहां पहुंचाता है, जहां दुनिया का कोई देश नहीं पहुंच सका। आज भारत वह देश है, जो डिजिटल ट्रांजेक्शन का सबसे रिलायबल मॉडल दुनिया को दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत वह देश है, जहां दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। साल 2014 में देश में बस कुछ सौ स्टार्टअप थे। आज इनकी संख्या लाखों में है। आज भारत वह देश है, जो रिकॉर्ड संख्या में पेटेंट फ़ाइल कर रहा है, रिसर्च पेपर पब्लिश कर रहा है। यही मेरे देश के युवाओं की शक्ति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है, उसे देखकर दुनिया हैरान है। दुनिया के लोग जब भारत आते हैं, तो कहते हैं कि 'भारत बदल रहा है।' भारत का कायाकल्प, वे भारत का नव-निर्माण साफ-साफ देख पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बदल रहा है, क्योंकि अपने 140 करोड़ नागरिकों की सामर्थ्य पर भरोसा करता है। 140 करोड़ भारतीय अब विकसित देश बनने का सपना देख रहे हैं। आज 140 करोड़ भारतीय हर क्षेत्र में सबसे आगे निकलने की तैयारी में जुटे रहते हैं। आप सभी ने देखा है, हम अपनी अर्थव्यवस्था को सिर्फ कोविड संकट से ही बाहर निकालकर नहीं लाए, बल्कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था में से एक बना दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यह बदलाव सिर्फ सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक के, नौजवान के आत्मविश्वास में भी दिख रहा है। साल 2014 से पहले हम निराशा के गर्त में डूब चुके थे, लेकिन आज देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने भी हाल में टी20 वर्ल्ड कप में भारत की विजय को सेलिब्रेट किया होगा। वर्ल्ड कप को जीतने की असली कहानी जीत की यात्रा भी है। आज का युवा और आज का युवा भारत, आखिरी बॉल और आखिरी पल तक हार नहीं मानता है। विजय उन्हीं के चरण चूमती है, जो हार मानने को तैयार नहीं होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान मैं कहता था कि बीते 10 वर्षों में भारत ने जो विकास किया है, वह तो सिर्फ एक ट्रेलर है। आने वाले 10 वर्ष और भी तेज वृद्धि के होने वाले हैं। भारत की नई गति दुनिया के विकास का नया अध्याय लिखेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि वैश्विक समृद्धि को नई ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहां मौजूद आप सभी लोग भारत और रूस के संबंधों को नई ऊंचाई दे रहे हैं। आपने अपनी मेहनत और ईमानदारी से रूस के समाज में अपना योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रूस शब्द सुनते ही हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है- भारत के सुख-दुख का साथी, भरोसेमंद दोस्त। रूस में सर्दी के मौसम में तापमान कितना ही माइनस में क्यों न चला जाए, भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में रही है, गर्मजोशी भरी रही है। यह रिश्ता आपसी विश्वास और परस्पर आदर की मज़बूत नींव पर बना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-रूस की दोस्ती के लिए मैं विशेष रूप से अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व की भी सराहना करूंगा। उन्होंने दो दशकों से ज्यादा समय तक इस पार्टनरशिप को मज़बूती देने के लिए शानदार काम किया है। मैं बीते 10 वर्षों में छठी बार रूस आया हूं और इन वर्षों में हम एक-दूसरे से 17 बार मिले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सारी बैठकें विश्वास और सम्मान बढ़ाने वाली रही हैं। जब हमारे विद्यार्थी संघर्ष के बीच फंसे थे, तो राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें वापस भारत पहुंचाने में हमारी मदद की थी। मैं रूस के लोगों का, मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन का इसके लिए भी फिर से आभार व्यक्त करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं साल 2015 में जब यहां आया था, तब मैंने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी। तब मैं कह रहा था, आज दुनिया कह रही है। दुनिया के सभी विशेषज्ञ कह रहे हैं कि 21वीं सदी भारत की सदी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व बंधु के रूप में भारत दुनिया को नया भरोसा दे रहा है। भारत की बढ़तीं क्षमताओं ने पूरी दुनिया को स्थिरता और समृद्धि की उम्मीद दी है। नई उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत को एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है।

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