151 ट्रेनों, रेलवे संपत्ति, स्टेशनों और अस्पतालों के निजीकरण का दावा फर्जी

151 ट्रेनों, रेलवे संपत्ति, स्टेशनों और अस्पतालों के निजीकरण का दावा फर्जी

ट्वीट में राहुल कहते हैं, 'प्रधानमंत्रीजी, रेलवे देश की सम्पत्ति है, इसे निजीकरण नहीं, सशक्तीकरण की ज़रूरत है। बेचो मत!'


नई दिल्ली/दक्षिण भारत। 'भारत जोड़ो' यात्रा पर निकले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी  के एक दावे से जुड़े ट्वीट को सरकार ने खारिज किया है। बता दें कि राहुल गांधी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा गया है, '12 लाख लोगों को रोज़गार, 2.5 करोड़ देशवासियों की रोज़ सेवा - देश को जोड़ती है भारतीय रेल।'

Dakshin Bharat at Google News
इसी ​ट्वीट में राहुल कहते हैं, 'प्रधानमंत्रीजी, रेलवे देश की सम्पत्ति है, इसे निजीकरण नहीं, सशक्तीकरण की ज़रूरत है। बेचो मत!'

राहुल के इस ट्वीट के साथ सोशल मीडिया पर यह भी प्रसारित किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे की 151 ट्रेनों और रेलवे संपत्ति का निजीकरण कर दिया गया है। इसके अलावा यह दावा किया जा रहा है कि स्टेशनों और अस्पतालों का निजीकरण कर दिया गया है।

हालांकि भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने 'पीआईबी फैक्ट चेक' नामक आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से इस दावे को फर्जी करार दिया है। 

उसने कहा है, 'एक ट्वीट में फर्जी दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे की 151 ट्रेनों, रेलवे संपत्ति, स्टेशनों और अस्पतालों का निजीकरण कर दिया गया है।'

उसने बताया, 'ये दावे पूर्णतः फर्जी एवं तथ्यहीन हैं। रेल मंत्रालय अपनी किसी संपत्ति का निजीकरण नहीं कर रहा है।'

गौरतलब है कि उक्त दावे को लेकर सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट शेयर की जा रही हैं। वॉट्सऐप पर यह तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसका खंडन किया जा रहा है। 
 

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download

Latest News

स्थानीय निकाय चुनावों में एलडीएफ उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: पी विजयन स्थानीय निकाय चुनावों में एलडीएफ उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: पी विजयन
Photo: PinarayiVijayan FB Page
थरूर ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव जीतने पर भाजपा को बधाई दी
लियोनेल मेस्सी मामला: ममता बनर्जी ने कोलकाता कार्यक्रम में 'कुप्रबंधन' को लेकर जांच के आदेश दिए
पाकिस्तानी एजेंटों को भेज रहा था खुफिया सूचना, वायुसेना का एक सेवानिवृत्त जवान गिरफ्तार!
'जो देश-प्रदेश को घुसपैठियों के सहारे चलाना चाह रहे थे, उन्हें बिहार की जनता ने बाहर का रास्ता दिखाया'
नेपाल में जेन ज़ी आंदोलन की वजह से हुआ 84 अरब रुपए से ज़्यादा का नुकसान: रिपोर्ट
यह अभिव्यक्ति नहीं, विषवमन है