ऑस्कर में न्यूटन करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

ऑस्कर में न्यूटन करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली। अभिनेता राजकुमार राव और युवा निर्देशक अमित मासुरकर के निर्देशन में बनी फिल्म ’’न्यूटन’’ ऑस्कर में जाएगी। फिल्म को भारत की तरफ से विदेशी भाषा श्रेणी में नामित किया गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की चयन समिति ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। समिति के अनुसार ऑस्कर के लिए नामित होने आईं २६ फिल्मों में से न्यूटन को चुना गया है। फिल्म की कहानी नूतन कुमार (राजकुमार राव) की है। नूतन ने स्कूल में अपना ल़डकियों वाला नाम बदलकर ’’न्यूटन’’ कर लिया है। न्यूटन ने फिजिक्स में पैरास्नातक तक प़ढाई की है। चुनाव में ड्यूटी लगने के कारण उसे जंगल के नक्सल प्रभावित इलाके में जाकर मतदान करवाना प़डता है। चुनाव की तैयारी के लिए न्यूटन की सहायता संजय मिश्रा करते हैं। उसके बाद एक टीम जिसमें लोकनाथ (रघुबीर यादव), मालको (अंजलि पाटिल), पुलिस अफसर आत्मा सिंह (पंकज त्रिपाठी) जंगली इलाके की तरफ ब़ढती हैं जहां जाने पर पता चलता है की मतदान के दिन वहां कुल ७६ मतदाताओं में से कोई नहीं आता। बाद में परिस्थितियां बदलतीं हैं।वदेशी भाषा श्रेणी में ’’न्यूटन’’ से पहले अपुर संसार (१९५९), गाइड (१९६५), सारांश (१९८४), नायकन (१९८७), परिंदा (१९८९), अंजलि (१९९०), हे राम (२०००), देवदास (२००२), हरिचन्द्र फैक्ट्री (२००८), बर्फी (२०१२) और कोर्ट (२०१५) शामिल हैं। केवल तीन भारतीय ि़फल्में महबूब खान की मदर इंडिया (१९५७), मीरा नायर की सलाम बॉम्बे (१९८८) और आशुतोष गोवारिकर की लगान (२००१) अन्तिम सूची तक पहुंची हैं। ऑस्कर जीतने वाले भारतीयों की बात करें तो वर्ष १९९२ में महान भारतीय फिल्मकार सत्यजीत राय को लाइफटाइम अचीवमेंट ’’ऑस्कर’’ पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके बाद डिजाइनर भानु अथैया को वर्ष १९८२ में आई रिचर्ड एटनबरो की फिल्म ’’गांधी’’ में सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए ऑस्कर पुरस्कार मिला था। वर्ष २००९ में फिल्म स्लमडॉग मिलिनेयर के लिए एआर रहमान और गुलजार को सर्वश्रेष्ठ संगीत और सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए संयुक्त रूप से ऑस्कर पुरस्कार मिला था। इसी फिल्म के लिए रेसुल पोक्कुट्टी को सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का ऑस्कर पुरस्कार मिला था।

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