कर्नाटक राज्य परिवहन यात्रियों के लिए पेश करेगा स्मार्ट कार्ड

कर्नाटक राज्य परिवहन यात्रियों के लिए पेश करेगा स्मार्ट कार्ड

बेंगलूरु। राज्य परिवहन निगम की ओर से अपने यात्रियों के लिए नई पेशकश लाने की तैयारी की जा रही है। कर्नाटक राज्य परिवहन निगम (केएसआरटीसी) जल्द ही अपने यात्रियों के लिए एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लाने की योजना बना रहा है जिससे यात्री किसी भी राज्य परिवहन निगम की बस में यात्रा कर सकते हैं। इस नए कार्ड के आने से विद्यार्थियों, शारीरिक रुप से दिव्यांग व्यक्तियों और स्वतंत्रता सेनानियों को बस में सफर करने के लिए अलग कार्ड जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। बस एक स्मार्ट कार्ड सभी प्रकार के यात्रियों के लिए काफी होगा।अधिकारियों के अनुसार इन स्मार्ट कार्डों को जारी करने के लिए जल्द ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। राज्य परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार सभी प्रकार के मौजूदा बस पासों को हटाकर नए स्मार्ट कार्ड जारी करने का यह कार्य अगले वित्तीय वर्ष से शुरु होगा। इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारियों द्वारा तकनीकी जरुरतों के बारे में चर्चा की जा रही है। इस स्मार्ट कार्ड के जारी करने का एक और फायदा यह होगा कि विद्याथियों को हर बार कक्षा बदलने पर बस पास लेने की आवश्यकता नहीं होगी। अगर विद्यार्थी एक बार स्मार्ट कार्ड ले लेते हैं तो उन्हें अपनी स्कूली शिक्षा पूरी होने तक बार-बार बस पास लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सिर्फ इन स्मार्ट कार्डों में टॉप अप डलवाने की आवश्यकता होगी।ज्ञातव्य है कि मौजूदा समय में राज्यभर में ५.६ लाख विद्यार्थी बस पास का उपयोग करते हैं और इस प्रकार के बस पास का उपयोग करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों की संख्या लगभग १ लाख है। केएसआरटीसी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से युक्त इलेेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) प्राप्त करने के लिए भी निविदाएं आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। परिवहन निगम लगभग १०००० ईटीएम प्राप्त करने की योजना बना रहा है। परिवहन निगम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केएसआरटीसी ई-वॉलेट जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। अगर ई-वॉलेट को लांच किया जाता है तो लोग बिना क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का उपयोग किए अपने टिकट का भुगतान कर सकेंगे। बस यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए काम करने वाले संगठनों के अनुसार स्मार्ट कार्ड लाना केएसआरटीसी की एक अच्छी पहल है। हालांकि केएसआरटीसी को अपनी टिकट जारी करने की प्रणाली जारी रखनी चाहिए और यह ध्यान में रखना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री भी इसकी बसों का उपयोग करते रहें। इसके साथ ही यात्रियों को एक ऐसी कमेटी की भी आवश्यकता महसूस हो रही है जिसमें बस यात्री, निगम के अधिकारी और अन्य स्टेकहोल्डर शामिल हों। इस बात पर भी निगम को ध्यान देना चाहिए।

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