PM Modi Speech Red Fort
PM Modi Speech Red Fort

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुधवार को लाल किले से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि देश प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने करीब 82 मिनट तक देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने मौजूदा कार्यकाल में पांचवीं बार लाल किले से भाषण दिया। भाषण के बाद मोदी वहां मौजूद स्कूली बच्चों से भी मिले। प्रधानमंत्री को अपने करीब देख बच्चों में उत्साह था।

अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश को संबोधित किया। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि हम ऐसे समय में आजादी का जश्न मना रहे हैं जब हमारी बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नन्हे-मुन्हे आदिवासी बच्चों ने एवरेस्ट फतेह कर इस देश का मान बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री ने संसद के मानसून सत्र को सामाजिक न्याय का सत्र बताया। उन्होंने नौसेना की उन छह महिलाओं का भी उल्लेख किया जिन्होंने हाल में पूरे विश्व का दौरा किया है। मोदी ने महात्मा गांधी और अमीर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह आजादी उन्हीं की बदौलत मिली। प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों को भी नमन किया।

प्रधानमंत्री ने देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था की ओर ध्यान दिलाया। वे बोले, हमारा देश विश्व की छठी अर्थव्यवस्था बन गया है। मोदी ने जलियांवाला बाग के शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वे ऐसा देश बनाने का सपना देखते हैं जहां दलित, पीड़ित, गरीबों को न्याय मिले।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने शौचालय निर्माण, गांवों में बिजली पहुंचाने और एलपीजी कनेक्शन देने की तेज रफ्तार को सराहा। मोदी ने डॉ. अंबेडकर का जिक्र किया और न्याय की बात कही। उन्होंने देश में भरपूर अन्न उत्पादन और कारखानों में मोबाइल निर्माण का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, वो देश बनाने में भी जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं। मोदी ने व्यापारियों को सराहा, जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद जीएसटी को स्वीकारा। उन्होंने बाढ़-बारिश में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि कुछ करने के लिए जूनून हो तो बेनीमी संपत्ति का कानून लागू होता है। मोदी बोले कि पूरा विश्व हमें देख रहा है। 2014 के बाद से स्थितियां बदली हैं।

प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था के बारे में कहा, पहले दुनिया के देश हमारे साथ जुड़ने से हिचकिचाते थे। वे कहते थे कि भारत की अर्थव्यवस्था में जोखिम है लेकिन आज वे हमारे साथ जुड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने भारत को अवसरों का क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा, आज भारत की बात हर जगह सुनी जाती है। पूरा विश्व कहता है कि सोया हुआ हाथी जाग गया है।

प्रधानमंत्री ने ​कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मॉडल पर चलते हुए काफी काम किया है। उन्होंने उत्तर-पूर्व में सुरक्षाबलों के परिश्रम से शांति बहाल होने को सराहा। मोदी ने क​हा, हम कड़े फैसले लेने का सामर्थ्य रखते हैं, क्योंकि देशहित हमारे लिए सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने 100 से ज्यादा सैटलाइट छोड़े हैं। अब मानव सहित अंतरिक्ष में जाने का लक्ष्‍य है। उन्होंने कहा कि 2022 तक या उससे पहले यानी आजादी के 75वें वर्ष में भारत का कोई नागरिक अंतरिक्ष में जाएगा, उसके हाथ में तिरंगा झंडा होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, हम मक्खन पर लकीर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने में यकीन करते हैं। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी करना लक्ष्य है। उन्होंने स्वच्छता के अभियान के फायदे बताते हुए कहा कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, 3 लाख बच्चे स्वच्छता के कारण मरने से बचे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान शुरू करते वक्त उनकी आलोचना की गई और मजाक उड़ाया गया।

प्रधानमंत्री ने लाल किले से ऐलान किया कि देश में जन आरोग्य अभियान की शुरुआत होगी। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। यह अभियान 25 सितंबर से शुरू होगा। उन्होंने डिजिटल इंडिया के जरिए तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के फायदे गिनाए।

प्रधानमंत्री ने करदाताओं को नमन किया और कहा कि आपसे देश चलता है। जब आप खाना खाते हैं तो तीन गरीब परिवार भी आपके साथ खाना खाते हैं। इसका पुण्य आपको मिलता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि इस पर सरकार ने चोट की है। पहले फर्जी तरीके से गलत हाथों में पैसा जाता था। अब सही हाथों में जा रहा है। इससे देश का करोड़ों रुपया बचा है। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है। सरकार ने पहले से चले आ रहे फर्जीवाड़े के कारोबारों को बंद करवा दिया। पहले 6 करोड़ लोगों के नाम पर बिचौलिए पैसा खा जाते थे।

प्रधानमंत्री ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों को राक्षसी प्रवृत्ति बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान में दुष्कर्म की शिकार बच्चियों के गुनहगारों को फांसी की सजा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कानून का शासन सर्वोच्‍च है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री ने तीन तलाक की कुप्रथा को खत्म करने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तीन तलाक बिल को पारित नहीं होने दे रहे हैं। मोदी बोले, मैं मुस्लिम महिलाओं और बेटियों को विश्‍वास दिलाता हूं कि न्‍याय दिलाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए किए गए आह्वान – इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत का उल्लेख किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं चलते। गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने ​कहा, मैं बेसब्र हूं, क्योंकि जो देश हमसे आगे निकल चुके हैं, हमें उनसे भी आगे जाना है। उन्होंने कहा कि वे बच्चों के विकास में बाधक बने कुपोषण से देश को मुक्त कराने के लिए व्याकुल हैं। प्रधानमंत्री ने देश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के संकल्प के साथ कहा, हम निकल पड़े हैं प्रण करके। अपना तन-मन अर्पण करके। जिद है एक सूर्य उगाना है। अंबर से ऊंचा जाना है। एक भारत नया बनाना है। एक भारत नया बनाना है। भाषण के समापन के बाद प्रधानमंत्री ने जय हिंद और वंदे मातरम् के नारे लगाए। वहां मौजूद स्कूली बच्चों, अतिथियों और नागरिकों ने भी प्रधानमंत्री के साथ ये नारे लगाकर पूरे आकाश को गुंजा दिया।

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