प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तालकटोरा स्टेडियम में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) का उद्घाटन किया। अपने भाषण में मोदी बैंकिंग, अर्थव्यवस्था और पूर्व सरकारों की कार्यप्रणाली पर खूब बोले। उन्होंने कहा कि सरकार लोन डिफॉल्टर्स से एक-एक पैसा वसूल रही है। मोदी ने बैंकों की एनपीए समस्या पर कहा कि इसके लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘नामदारों’ ने फोन बैंकिंग के माध्यम से देश के बैंकिंग सिस्टम और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने सिर्फ छह साल में लाखों करोड़ रुपए रसूखदार लोगों को बांटे। इस तरह यूपीए सरकार अर्थव्यवस्था को लैंड माइंस पर बैठाकर चली गई थी। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 से लेकर 2008 तक देश के सभी बैंकों ने कुल 18 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया था। वहीं 2008 के बाद छह वर्षों में ही यह रकम 52 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई।

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ‘नामदारों’ की बदौलत गलत तरीके से लोन दिए जाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश से हकीकत छुपाई गई। 2014 में जब राजग की सरकार बनी तो मालूम हुआ कि 9 लाख करोड़ रुपए फंसे हैं। यह रकम ब्याज के साथ और बढ़ती जा रही थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनपीए की समस्या से निपटने के लिए सरकार मुस्तैदी से कोशिश कर रही है। इसके लिए कानून बदले गए, बैंकों का विलय हुआ और कई सुधार किए। जो भगोड़े हैं, उनकी संपत्ति जब्त की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अब देश के गरीबों को लोन मिल रहा है। उन्होंने कहा, पहले नामदारों के आशीर्वाद से बड़े लोगों को लोन मिलता था, अब हमारे डाकिए के आशीर्वाद से आम लोगों को लोन मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर कहा, हमारे खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन दिखाया तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यव्सथा को भी मेडल मिला है। उन्होंने कहा, जो आंकड़े आए हैं वह देश का अत्मविश्वास है। .. 8.2 प्रतिशत की रफ्तार भारत की ताकत को प्रदर्शित करती है। .. भारत सबसे तेजी से गरीबी मिटाने वाला देश बना है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके जरिए दूरदराज के गांवों तक बैंकिंग की पहुंच होगी और अर्थव्यवस्था को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, अब हम बैंक को गांव और गरीब के दरवाजे तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह भाषण देशभर में सुना गया। आप इसे यहां भी सुन सकते हैं:

LEAVE A REPLY