दंगा मामले में हार्दिक पटेल को 2 साल की सजा, भाजपा विधायक के कार्यालय में की थी तोड़फोड़

Hardik Patel
Hardik Patel

2015 में जब गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन भड़का तो कई जगह तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर को ​भी निशाना बनाया और खूब तोड़फोड़ की।

मेहसाणा। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को न्यायालय ने दंगा कराने के मामले में दोषी माना है। उन्हें 2 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हार्दिक पटेल ने पाटीदारों के लिए जो आरक्षण आंदोलन छेड़ा था, उसके दौरान मेहसाणा में हिंसा हुई थी। हिंसा में भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई थी। अब उस मामले में न्यायालय ने हार्दिक को दोषी माना है। हार्दिक सहित तीन लोगों को दोषी करार दिया है। वहीं 14 लोग बरी हुए हैं।

यह​ निर्णय मेहसाणा के विसनगर न्यायालय ने सुनाया है। न्यायालय ने लालजी पटेल को भी दोषी माना है। अब इन्हें 50 हजार रुपए जुर्माने के तौर पर चुकाने होंगे। 2015 में जब गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन भड़का तो कई जगह तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर को ​भी निशाना बनाया और खूब तोड़फोड़ की। सरकारी वकील का कहना है कि हार्दिक पटेल समेत दोनों को 50-50 हजार का जुर्माना और 10-10 हजार मुआवजे के तौर पर चुकाने होंगे। न्यायालय का फैसला आने के बाद हार्दिक ने कहा है कि वे भूख हड़ताल करेंगे।

देश में हर रोज जातियों के बीच आरक्षण की मांग जोर पकड़ती जा रही है। आरक्षण के लिए आंदोलन हुए हैं, जो कई बार हिंस​क हो चुके हैं। ऐसे में आरक्षण मांगने के ये तौर-तरीके सवालों के घेरे में हैं। इन दिनों महाराष्ट्र में भी मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हैं। इसकी वजह से कई जगहों पर यातायात बाधित रहा, इंटरनेट बंद करना पड़ा।

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