farooq abdullah
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श्रीनगर/भाषा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को अधिकारियों ने अब यहां कड़े जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया है। वहीं, दूसरी तरफ कश्मीर घाटी में सोमवार को लगातार 43वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा। अधिकतर दुकानें बंद रहीं और सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे।

अब्दुल्ला अब तक नजरबंद थे, लेकिन अब उन्हें पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को दो साल तक बिना मुकदमे के हिरासत में रखा जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र के पांच अगस्त के फैसले के बाद घाटी में आज लगातार 43वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा। अधिकतर दुकानें बंद रहीं और सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहा।

हालांकि, निजी कारें श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में निर्बाध चलती दिखीं। कुछ क्षेत्रों में कुछ ऑटो रिक्शा और विभिन्न जिलों के बीच कैब भी चलती दिखीं। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं। समूची घाटी में, हालांकि लैंडलाइन फोन सेवा चालू है, लेकिन मोबाइल सेवा उत्तरी कश्मीर के केवल कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों में ही काम कर रही है।

स्थिति के बारे में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि घाटी के अधिकतर क्षेत्र प्रतिबंध मुक्त हैं, लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए जमीन पर सुरक्षाबलों की तैनाती बनी हुई है।