संविधान की प्रति फाड़ने वाले पीडीपी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, रद्द हो सकती है नागरिकता!

पीडीपी सांसद एमएम फैयाज और नाजिर अहमद
पीडीपी सांसद एमएम फैयाज और नाजिर अहमद

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। धरती की जन्नत जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद-370 के कारण पैदा हुईं रुकावटों से आजादी दिलाने के लिए सोमवार को जब राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह बड़ा ऐलान कर रहे थे, तभी पीडीपी के दो सांसदों ने जो हरकत की, उससे कश्मीरित शर्मिंदा हुई।

पीडीपी सांसद एमएम फैयाज और नाजिर अहमद संविधान की प्रति फाड़ते दिखे, जिस पर देशभर में ऐतराज जताया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। इसमें तीन साल की जेल और नागरिकता रद्द करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।

क्या कहते हैं नियम?
राष्ट्रीय ध्वज या संविधान को जलाने, फाड़ने या अपमानित करने जैसी गतिविधियां अपराध की श्रेणी में आती हैं। ऐसी हरकत करने वाले शख्स को तीन साल के लिए जेल हो सकती है। इन्सल्ट टू इंडियन नेशनल फ्लैग ऐंड कॉन्सटिट्यूशन ऑफ इंडिया, 1971 के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई शख्स सार्वजनिक स्थान पर या ऐसी जगह जो लोगों की नजर में आए, वहां राष्ट्रीय ध्वज या संविधान का अपमान करता है तो उसे न्यायालय द्वारा दंडित किया जा सकता है।

कायम रहे राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान
संविधान के अनुच्छेद 51(ए) में भी राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान का उल्लेख किया गया है। अगर कोई व्यक्ति विरोध प्रदर्शन करता है तो इस दौरान भी उसे ध्यान रखना चाहिए कि राष्ट्रीय प्रती​कों का सम्मान कायम रहे। राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान की सूरत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इसी प्रकार नागरिकता अधिनियम, 1955 में स्पष्ट किया गया ​है कि यदि कोई भारतीय नागरिक संविधान का अपमान करता है अथवा बातों या हरकतों से साबित होता है कि उसकी संविधान में कोई निष्ठा नहीं है तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।

सांसद ने फाड़ लिया अपना कुर्ता!
सोमवार को जब अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद-370 और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का संकल्प पेश किया तो विपक्ष ने खूब हंगामा किया। अचानक पीडीपी सांसद मीर फैयाज और नजीर अहमद देश के संविधान की प्रति फाड़ने लगे। फैयाज ने तो विरोध प्रदर्शन करते हुए अपना कुर्ता भी फाड़ लिया। तब सभा​पति वेंकैया नायडू ने उन्हें बाहर भेज दिया।

देशभर में निंदा
पीडीपी सांसदों की इस हरकत की देशभर में निंदा हुई और लोगों ने कठोर कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कहा कि जिन सांसदों की अपने ही देश के संविधान के प्रति निष्ठा नहीं है और वे उसका अपमान करने का दुस्साहस कर सकते हैं, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी दोनों सांसदों की आलोचना की।

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