नवनीत कौर राणा
नवनीत कौर राणा

नई दिल्ली/अमरावती/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र के अमरावती लोकसभा क्षेत्र से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी संसद पहुंचीं नवनीत कौर राणा के बारे में चर्चा है कि वे भाजपा में शामिल हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, नवनीत कौर ने हाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद ऐसी चर्चाओं को बल मिला कि जल्द ही वे इस पार्टी का दामन थाम सकती हैं।

नवनीत कौर राणा राजनीति में आने से पहले मॉडल और अभिनेत्री रही हैं। खासतौर पर तेलुगु सिनेमा ने उन्हें पहचान दी। साल 2011 में उन्होंने महाराष्ट्र विधायक रवि राणा के साथ शादी कर ली। यह एक सामूहिक विवाह समारोह था, जो काफी चर्चा में रहा। नवनीत का ससुराल राजनीति से जुड़ा था, इसलिए शादी के बाद उन्होंने भी इस क्षेत्र में किस्मत आजमाई।

राकांपा के टिकट से आगाज़
साल 2014 में राजनीति में कदम रखने वाली नवनीत कौर राणा को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए राकांपा ने टिकट दिया। हालांकि वह चुनाव ये हार गईं। उन्होंने पांच साल क्षेत्र में दोबारा तैयारी की और 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा। इस बार उन्होंने शिवसेना के अडसुल आनंदराव विठोबा को हराया।

यह रहा मतों का गणित
अमरावती सीट से कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां नवनीत कौर राणा को 5 लाख 10 हजार 947 वोट और शिवसेना के आनंदराव को 4 लाख 73 हजार 996 वोट प्राप्त हुए। अगर सांसद नवनीत कौर के भाजपा में जाने को लेकर चल रहे कयास हकीकत में तब्दील होते हैं तो इसे राकांपा और कांग्रेस के लिए झटका ही माना जाएगा, क्योंकि इन दोनों पार्टियों ने अमरावती से अपने प्रत्याशी नहीं उतारे और राणा को सम​र्थन दिया था।

नवनीत के पति रवि राणा ने भी लोकसभा चुनाव में उनकी जीत के लिए खूब प्रचार किया। उन्होंने युवा स्वाभिमानी पक्ष (वाईएसपी) के मंच से चुनाव प्रचार विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया और शिवसेना के दिग्गज नेता को शिकस्त दी।

योग से आया ज़िंदगी में नया मोड़!
नवनीत और रवि राणा की पहली मुलाकात की कहानी भी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है। नवनीत की योग में काफी रुचि है। एक बार वे स्वामी रामदेव के आश्रम गई थीं। वहां योग शिविर में उनकी मुलाकात रवि राणा से हुई। दोनों में प्रेम परिणय सूत्र में बदल गया।

नवनीत और रवि राणा ने अपनी शादी के लिए सामूहिक विवाह समारोह का चयन किया। 2 फरवरी, 2011 को हुए उस समारोह में स्वामी रामदेव भी आशीर्वाद देने आए थे। उनके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, कई उद्योगपति और सिनेमा से जुड़े मशहूर चेहरों ने शिरकत की। समारोह की जिस बात को काफी प्रशंसा मिली, वह था उसमें विभिन्न धर्मों के जोड़ों को शामिल करना। दरअसल कुल 3,162 जोड़ों में हिंदू, बौद्ध, मुस्लिम और शामिल ईसाई थे। वहीं, 13 जोड़े दृष्टिबाधित थे।

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