इन 8 में से एक भी वजह बना सकती है आपके बच्चे को मोटापे का शिकार, रखें खास ध्यान

बेंगलूरु। मोटापा आज कई देशों में बड़ी समस्या बन चुका है। पहले 40 या 50 साल की उम्र के बाद लोगों में इसके लक्षण दिखाई देते थे, लेकिन अब ऐसे बच्चों की तादाद बढ़ती जा रही है जो बहुत कम उम्र में ही मोटापे से पीड़ित हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक यहां दिए 8 कारक मोटापे के खतरे को बढ़ाते हैं।

उदाहरण के तौर पर, माता-पिता जेनेटिक आधार पर बच्चों के मोटापे को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक मात्रा में भोजन ग्रहण करने की वजह से भी बच्चे मोटे हो सकते हैं। जहां तक बच्चों के अधिक समय तक टीवी देखने की बात है तो इसका असर उनकी गतिविधियों पर पड़ता है। मसलन वे व्यायाम नहीं करते हैं या बैठे-बैठे ज्यादा मात्रा में खाना खाते हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक माता-पिता को अपने बच्चों को ज्यादा समय तक टीवी देखने नहीं देना चाहिए। कम्प्यूटर गेम्स ज्यादा देर तक नहीं खेलने दें। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे की नींद में कोई खलल न आए।

शोधकर्ताओं के अनुसार, मोटापे के आठ कारक ये हैं:
– जन्म के समय बच्चे का वजन।
– माता का अपना वजन।
– बच्चों का अधिक समय तक टीवी देखना।
– तीन साल की आयु में 10 घंटे से कम नींद।
– डे़ढ वर्ष की उम्र तक बच्चे का वजन।
– पहले साल में तेजी से वजन बढ़ना।
– दूसरे साल तेजी से शारीरिक विकास।
– कम उम्र में शरीर में वसा विकसित होना।

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