प्रयागराज कुंभ
प्रयागराज कुंभ

कुंभ नगर/वार्ता। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम कुम्भ देश दुनिया में सामाजिक चेतना, समरसता और स्वच्छता का संदेश पहुंचाने में सफल रहा है। पिछले डेढ़ माह के दौरान गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। यह तादाद दुनिया के कई देशों की आबादी से कहीं अधिक है। संगम की रेती पर इस दौरान आस्था का समंदर हिलोरें मारता दिखायी पड़ा।

त्रिवेणी के तट पर आस्था रूपी लहरें दुनिया में सामाजिक चेतना, समरसता, भाईचारे, वसुधैव कुटुम्बकम या अतिथि देवो भव और स्वच्छता आदि कई प्रकार के संदेश पहुंचाने में सफल रहीं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को कुम्भ में आकर स्नान करने के लिए आमंत्रण भेजा था। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर विदेश मंत्रालय की ओर से दुनिया के सभी देशों को उनके प्रतिनिधयों को तीर्थराज प्रयाग के कुम्भ मेले में आने का निमंत्रण भेजा गया था।

विश्वस्तर की ब्रांडिंग का सकारात्मक परिणाम रहा कि दो बार बड़ी संख्या में विदेश मंत्री जनरल वी के सिंह के नेतृत्व में विदेशी मेहमानों का समूह यहां पहुंचा था। कुम्भ के संगम में पुण्य के गोते लगाने वालों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तो अपनी कैबिनेट और साधु-संतों के साथ पुण्य की डुबकी लगाई। संगम में आस्था की डुबकी और दिव्य-भव्य कुम्भ की याद समेट कर आये प्रवासी भारतीय भी कुम्भ का डंका दुनिया में बजा रहे हैं।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री भी वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन से लौटकर परिवार व कैबिनेट के साथ संगम में स्नान किया। मकर संक्रांति हो या मौनी अमावस्या अथवा बसंत पंचमी का शाही स्नान, संगम पर आस्था का महासागर संगम में समाहित हो गया था।

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