कोयंबटूर। मुख्यमंत्री ईडाप्पाडी के पलानीस्वामी ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी नदी के जल के बंटवारे से संबंधित विवाद में गत शुक्रवार को सुनाए गए आदेश पर कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा करने के बाद आगे कोई कमद उठाया जाएगा। पलानीस्वामी ने कहा कि यह दिल को आराम पहुंचाने वाली बात है कि सर्वोच्च न्यायालय ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन छह सप्ताह के अंदर करने का निर्देश दिया है।इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि तमिलनाडु को छो़डे जाने वाले कावेरी के पानी की मात्रा में कटौती करने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले पर शनिवार को निराशा जताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि फैसले के कुछ बिंदुओं का स्वागत किया जाना चाहिये। अंतरराज्यीय नदी के पानी पर किसी भी राज्य का अनन्य स्वामित्व नहीं होने की बात करते हुए उच्चतम न्यायालय ने दशकों पुराने विवाद को सुलझाने की खातिर शुक्रवार को अपने फैसले में कावेरी नदी के पानी में कर्नाटक के हिस्से में १४.७५ टीएमसीएफटी की वृद्धि कर दी और तमिलनाडु के हिस्से में से उतनी ही कटौती कर दी।इस फैसले को संतुलित बताया जा रहा है। न्यायालय ने हालांकि तमिलनाडु को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए उसे नदी बेसिन से १० टीएमसीएफटी निकालने की अनुमति दे दी। पलानीस्वामी ने कहा कि कावेरी जल न्यायाधिकरण ने तमिलनाडु को १९२ टीएमसीएफटी पानी का आवंटन किया था और फैसले में उसके हिस्से में १४.७५ टीएमसीएफटी की कटौती और राज्य को १७७.२५ टीएमसीएफटी आवंटित करना निराशाजनक है। उन्होंने यहां हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि कुछ बिंदुओं का स्वागत किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले पर और टिप्पणी नहीं कर सकते।उन्होंने कहा कि न्यायालय ने सिंचाई के तहत तमिलनाडु के रकबे की पुष्टि कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के नदी पर स्वामित्व का दावा नहीं कर सकने के बारे में न्यायालय की टिप्पणी स्वागत योग्य है। लानीस्वामी ने कहा कि यह फैसला उच्चतम न्यायालय में पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा दायर याचिका पर आया है। उन्होंने इस बात का भी विश्वास जताया कि केंद्र न्यायालय के सुझाव के अनुसार कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का छह हफ्ते के भीतर गठन करेगा। यह राज्य की काफी पुरानी मांग है।कोयंबटूर के दौरे पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री शनिवार को यहां नीलगिरी जिले स्थित कुन्नूर श्री मुतालम्मन मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद मंदिर के प्रबंधन ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और उनके साथ पहुंचे अन्य मंत्रियों का स्वागत किया। मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से मंदिर के नवीनीकरण और कुछ ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने इस मंदिर के अभिषेक पूजन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ राज्य के नगरपालिका प्रशाासन मंत्री एसपी वेलूमणि, हिन्दू धार्मिक और धमार्थ दान विभाग सेव्वूर एस रामचंद्रन राज्य के कई सांसद और विधायक भी मौजूद थे। इस अवसर पर निलगिरि जिले के कलेक्टर जे इन्नोसेंट दिव्या भी मौजूद थी।

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