नई दिल्ली/दक्षिण भारत। नागरिकता संशोधन विधेयक को राज्यसभा से भी पारित करवाना मोदी सरकार की बड़ी जीत माना जा रहा है। खासतौर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह इस विधेयक के संबंध में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया, इससे उनके सियासी कद में और इजाफा हुआ है। ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरें जोरों से शेयर की जा रही हैं। साथ ही देशभर में जहां पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित लोग रह रहे हैं, वे जश्न मनाते हुए इन दोनों नेताओं के समर्थन में नारे लगा रहे हैं।

सोशल मीडिया अमित शाह की तारीफों से भरा पड़ा है। विपक्ष पर चुटकी लेते हुए बड़ी तादाद में यूजर्स ने मीम्स भी पोस्ट किए हैं जिनमें शाह को देश का दूसरा सरदार वल्लभ भाई पटेल बताया जा रहा है। यूजर्स पटेल-शाह में समानताएं ढूंढ़कर यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि अमित शाह भी देश के प्रथम गृहमंत्री की तर्ज पर राष्ट्रहित में फैसले लेकर उन्हें धरातल पर लागू करवाने में जी-जान लगा देते हैं।

विपक्ष के धुरंधरों को जवाब
अगर मोदी सरकार 2.0 की बात करें तो ऐसे कई मौके आए जब शाह ने मोर्चा संभाला और सदन से लेकर जनसभाओं में अपनी विशेष भाषण शैली से विपक्ष की दलीलों का धारदार जवाब देते नजर आए। इससे पहले जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधानों को निष्क्रिय किया गया तो अमित शाह ही विपक्ष के धुरंधरों को जवाब देकर न केवल दोनों सदनों से बिल को पास करवाने में सफल रहे, बल्कि देशभर में आम जनता ने इस कदम का स्वागत किया।

हिंदुत्व का प्रखर चेहरा
इसी प्रकार तीन तलाक की कुप्रथा के खिलाफ जब मोदी सरकार विधेयक लेकर आई तो शाह ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा और इस बात पर जोर दिया कि तीन तलाक का मामला मानवाधिकारों से जुड़ा है और मुस्लिम बेटियों को उनका हक मिलना ही चाहिए। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अब तक जो ऐतिहासिक विधेयक लाए गए, उनमें शाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे हिंदुत्व के प्रखर चेहरे के तौर पर सामने आए हैं।

शाह से बढ़ीं उम्मीदें
अमित शाह संसद से लेकर जनसभाओं तक जिस प्रकार मोदी सरकार का पक्ष रख रहे हैं, उससे उनका किरदार और ज्यादा मजबूत होता जा रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी उनकी पीठ थपथपा चुके हैं, जिसके बाद भविष्य में उनके किरदार को लेकर सोशल मीडिया में कई कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, कई वर्षों से अटके मामलों पर जिस गति से विधेयक पारित कर कानून बनाए जा रहे हैं, उसके बाद शाह से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।

खासतौर से नागरि​कता संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पारित होते ही ट्विटर पर इन मुद्दों को जोरशोर से उठाया जा रहा है। यूजर्स की मांग की है मोदी सरकार की ओर से अमित शाह अब समान नागरिक संहिता, एनआरसी और जनसंख्या नियंत्रण के संबंध में विधेयक लेकर आएं। साथ ही कई यूजर्स ने पीओके पर भारत के नियंत्रण की मांग करते हुए कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है, जिसमें हमें अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए पुराने मुद्दों का समाधान करना चाहिए।

ट्विटर पर जोरदार चर्चा
इस बीच कई यूजर्स ने बहुत रोचक टिप्पणियां भी कीं। एक शख्स लिखते हैं कि उन्होंने प्याज-टमाटर सस्ता करने के लिए वोट नहीं दिया था, बल्कि अनुच्छेद-370, तीन तलाक, राम मंदिर, नागरिकता संशोधन विधेयक, एनआरसी, जनसंख्या नियंत्रण कानून आदि के लिए वोट दिया था.. और इनका समाधान होता दिख रहा है। वहीं, कई यूजर्स अमित शाह को प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखने लगे हैं। बहरहाल देशभर में इस बात की चर्चा जारी है​ कि मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा और उसकी भूमिका में समाज से लेकर सोशल मीडिया तक, अमित शाह का नाम आगे नजर आ रहा है।