sadhvi pragya thakur
sadhvi pragya thakur

भोपाल/दक्षिण भारत। आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सियासी घमासान बेहद दिलचस्प हो सकता है। चर्चा है कि यहां साध्वी प्रज्ञा ठाकुर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के सामने मैदान में उतर सकती हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मुश्किल सीटों से चुनाव लड़ना चाहिए। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने तय किया कि वे भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

भाजपा के गढ़ रहे भोपाल में दिग्गी को घेरने के लिए साध्वी प्रज्ञा मजबूत उम्मीदवार हो सकती हैं। एक अंग्रेजी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। यदि साध्वी प्रज्ञा को इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए भाजपा से टिकट मिल जाता है तो इस ओर देशभर की निगाहें होंगी।

भाजपा और संघ के खिलाफ अक्सर टिप्पणी कर सुर्खियों में रहने वाले दिग्विजय ने संप्रग शासन के दौरान ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द को खूब प्रचारित किया था, जिस पर काफी लोगों ने ऐतराज भी जताया। इसके अलावा उन्होंने 26/11 हमले को कथित तौर पर ‘संघ की साजिश’ बताने वाली किताब का विमोचन कर एक और विवाद खड़ा कर दिया था।

दिग्विजय सिंह कई बार विवादित शब्दों का इस्तेमाल कर पार्टी की किरकिरी करवा चुके हैं। साल 2013 में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपी तो उन पर दिग्विजय के हमले बढ़ गए। दूसरी ओर, हिंदुत्व विचारधारा की समर्थक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का आरोप है कि मालेगांव मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल में बहुत यातनाएं दी गईं।

साध्वी अभी जमानत पर हैं। उनका ताल्लुक मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव से है। वे छात्रजीवन से ही हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़ी रही हैं। वे एबीवीपी की सदस्य भी रह चुकी हैं। साध्वी प्रज्ञा का आरोप है कि संप्रग सरकार में गृहमंत्री रहे पी. चिदंबरम ने ‘हिंदू आतंकवाद’ के जुमले को पुष्ट करने के लिए उन्हें झूठे मामले में फंसाया।

ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि यदि लोकसभा चुनाव में दिग्विजय और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बीच मुकाबला होता है ​तो एक-दूसरे पर प्रहार के लिए तरकश से पुराने तीर खूब निकाले जाएंगे।

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