अमेठी: भाजपा कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं स्मृति, पार्थिव शरीर को दिया कंधा

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अमेठी/भाषा। अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी के करीबी माने जाने वाले बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इससे इलाके में तनाव पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्मृति उनके गांव पहुंचीं और दिवंगत सुरेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम ने रविवार को बताया कि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान एवं स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह को शनिवार रात करीब 11.30 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना की जांच जारी है।

इस बीच लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, हमें पुरानी रंजिश का पता चला है। हम यह भी पता कर रहे हैं कि कहीं कोई राजनीतिक दुश्मनी तो नहीं थी। उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें सघन जांच कर रही हैं। अब तक हमने सात लोगों को हिरासत में लिया है। हमें इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य भी मिले हैं।

उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि अगले 12 घंटे में हम हत्या की वजह का पता कर लेंगे। सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की हत्या अत्यंत दुखद है। वह परिश्रमी कार्यकर्ता थे। भले ही हत्यारे जमीन के भीतर क्यों न छिपे हों, उन्हें पकड़ लिया जाएगा। इस घटना से पूरी अमेठी दुखी है।

प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं है। हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री मोहसिन रजा भी सुरेंद्र सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रजा ने बताया कि सिंह की हत्या उस समय हुई, जब वह सो रहे थे। यह अत्यंत जघन्य घटना है। रजा अमेठी के प्रभारी मंत्री भी हैं।

सिंह के बेटे अभय सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ कांग्रेस समर्थक असामाजिक तत्वों को अमेठी में भाजपा की जीत रास नहीं आई। सिंह की हत्या पर भाजपा के अमेठी लोकसभा क्षेत्र के संयोजक राजेश अग्रहरि ने कहा, कांग्रेस की हताशा और घटना के हालात को देखते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

राजेश ने कहा कि चुनाव के बाद से कांग्रेस में हताशा है, इसलिए घटना की गहन जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि इस घटना के राजनीतिक हत्या होने से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी पहलुओं पर जांच हो रही है। सिंह पूर्व प्रधान रहे हैं, इसलिए यह पुरानी रंजिश का मामला भी हो सकता है।

लोकसभा चुनाव के दौरान जूता वितरण प्रकरण में सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा में रहे थे। उन्हें स्मृति ईरानी का करीबी माना जाता था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने स्मृति ईरानी पर बरौलिया गांव के लोगों को जूते बांटने का आरोप लगाते हुए इसे अमेठी के लोगों का अपमान बताया था। बरौलिया गांव को पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था।

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