बेंगलूरु
बेंगलूरु

लंदन/भाषा। आर्थिक एवं सामाजिक समावेशिता के मामले में विश्व के शीर्ष 113 देशों में बेंगलूरु, दिल्ली और मुंबई का नाम भी शामिल है। उत्तरी स्पेन के बिल्बाओ में बृहस्पतिवार शाम को जारी ‘प्रॉस्पेरिटी एंड इन्क्लूजन सिटी सील एंड अवार्ड्स’ (पीआईसीएसए) सूचकांक में स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख शीर्ष पर रहा। यह सूचकांक किसी शहर का आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि इस विकास की गुणवत्ता और जनसंख्या के बीच इसके वितरण को भी दर्शाता है।

इस सूची में बेंगलूरु 83वें स्थान के साथ भारतीय शहरों में शीर्ष पर रहा। सूचकांक में दिल्ली का 101वां और मुंबई का 107वां स्थान रहा। इस सूचकांक में शीर्ष 20 देशों को समावेशी समृद्धि करने के मामले में पीआईसीएसए सील से पुरस्कृत किया गया।

यह सूचकांक पहली बार जारी किया गया है। इसमें मेजबान शहर बिल्बाओ को 20वां स्थान मिला। बिस्के की क्षेत्रीय परिषद में सामरिक कार्यक्रम के निदेशक असियर एलिया कास्टानोस ने पहली बार सूचकांक जारी किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, पहला गैर वाणिज्यिक रैंकिंग सूचकांक पीआईसीएसके आर्थिक उत्पादकता के नए उपाय बताता है जो जीडीपी से परे की बात करते हैं, ताकि समग्र रूप से यह पता लगाया जा सके कि अर्थव्यवस्था में लोगों की स्थिति क्या हैं।

उन्होंने कहा कि देशों की सरकारें और निजी क्षेत्र इस बात को समझ रहे हैं कि सफलता का नए तरीकों से आकलन किया जाना चाहिए। समृद्धि का पता लगाते समय नौकरियों, दक्षता और आय के साथ स्वास्थ्य, आवासीय सामर्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इस सूची में ज्यूरिख पहले, आस्ट्रिया की राजधानी विएना दूसरे और डेनमार्क का कोपेनहोगन तीसरे स्थान पर रहा। लक्समबर्ग और हेलसिंकी चौथे एवं पांचवें स्थान पर रहे। सूची में शीर्ष स्थानों पर यूरोपीय शहरों का दबदबा रहा। ताइपे एकमात्र ऐसा एशियाई शहर है जो शीर्ष 20 में जगह बनाने में कामयाब रहा। ताइपे छठे स्थान पर रहा।