चढ़ावा चोरी मामला: केजरीवाल का आरोप- केंद्र और उप्र सरकार चोरों को बचाने में लगी हैं
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को ढाई साल हो चुके हैं। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी रामलला के चरणों में मत्था टेकने नहीं गए।
उन्होंने कहा कि इन 891 दिनों में उन्होंने अपने भाषणों और इंटरव्यू में 42 से ज़्यादा बार राम मंदिर का ज़िक्र किया। इनमें अधिकांश मौकों पर भगवान श्रीराम और राम मंदिर के नाम पर वोट मांगे। गृह मंत्री के पास भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगने का समय है, लेकिन भगवान रामलला से आशीर्वाद लेने का समय नहीं है!अरविंद केजरीवाल ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि इनके लिए राम केवल सत्ता हासिल करने और पैसे कमाने का ज़रिया है। इनकी राम में कोई आस्था नहीं है। उन्होंने अमित शाह से पांच सवाल भी पूछे, जो इस प्रकार थे- आप अभी तक राम मंदिर क्यों नहीं गए? क्या भगवान राम के दर्शन करने का आपका मन नहीं करता?
उन्होंने पूछा- क्या राम मंदिर जाने का आपका मन नहीं करता? क्या आपको भगवान राम का आशीर्वाद नहीं चाहिए? क्या आप राम को भगवान मानते हैं? भगवान श्रीराम के मंदिर में सामने आए चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले ने पूरे देश के सनातन समाज को आहत किया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम कोई पत्थर की मूर्ति नहीं हैं। भगवान राम सर्वव्यापी और सर्वशक्तिमान हैं। वे चंदा चोरी करने वालों को ऐसा दंड देंगे, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार चोरों को बचाने में लगी हैं। अगर चोरों को सज़ा दिलानी है तो सरकार बदलना बेहद ज़रूरी है। पूरे समाज को ऐसे लोगों और उनका साथ देने वालों का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए।


