सिद्दरामय्या ने भाजपा पर तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया
'संविधान और देश को केवल कांग्रेस बचा सकती है'
Photo: @siddaramaiah X account
मैसूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या ने रविवार को मैसूरु में एसआईआर जागरूकता अभियान के दौरान भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने पार्टी पर लोकतंत्र या संविधान में भरोसा न करने और तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए सिद्दरामय्या ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के बजाय तानाशाही पर आधारित है। उन्होंने दावा किया, 'वे पिछले दरवाज़े से सत्ता में आए। आप जानते हैं क्यों? क्योंकि उन्हें लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में कोई भरोसा नहीं है। अगर लोकतंत्र या संविधान का कोई विरोधी है, तो वे भाजपा के सदस्य ही हैं।'सिद्दरामय्या ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। साल 1950 में निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था और साल 1952 में पहला आम चुनाव हुआ था। तब से आयोग समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण करता आया है, लेकिन पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का अधिकार आयोग के पास नहीं है। आयोग को संविधान के अनुरूप ही कार्य करना चाहिए।
सिद्दरामय्या ने कहा कि हाल के वर्षों में, विशेषकर 2014 के बाद, 'मतों के साथ विश्वासघात' किया जा रहा है। लोकतंत्र में केवल वही लोग शासन करने के योग्य हैं जो जनता के बहुमत से चुने गए हों, न कि धोखे से सत्ता में आए लोग।
सिद्दरामय्या ने कहा कि देश की 141 करोड़ आबादी में लगभग 96 करोड़ मतदाता हैं। हमारे यहां कई लोग केवल 1,000 से 5,000 वोटों के अंतर से चुनाव जीतते हैं। ऐसे में यदि चार–पांच हजार मत ही हटा दिए जाएं तो हमारी जीत मुश्किल हो जाएगी। इसी कारण पार्टी इतनी बड़ी संख्या में जागरूकता अभियान चला रही है। कांग्रेस को वोट देने वाले गरीबों, किसानों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के वोट हटाए जा रहे हैं। यही लोग भाजपा का निशाना हैं।
सिद्दरामय्या ने कहा कि देश में भाजपा को केवल 36% वोट मिले हैं, जबकि 64% लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। यदि इन 64% में से 10% वोट ही हटा दिए जाएं, तो क्या परिणाम होगा, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी के विधायक, नेता और कार्यकर्ता 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाली एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पूरे एक महीने अत्यंत सतर्क होकर काम करें। यह मत भूलिए कि आज देश में संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप काम करने वाला निर्वाचन आयोग नहीं रह गया है। साल 2019 में भाजपा के 303 सांसद जीते थे, लेकिन साल 2024 में उनकी संख्या घटकर 240 रह गई। इसका कारण महंगाई, वादाखिलाफी और बेरोजगारी है। अब वे एसआईआर के माध्यम से इस जनादेश को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
सिद्दरामय्या ने कहा कि भाजपा वाले संविधान और लोकतंत्र के विरोधी हैं। उन्हें केवल निरंकुश शासन पर विश्वास है। उनकी नीति वन नेशन, वन इलेक्शन है। जो लोग हिंदुत्व की बात करते हैं, क्या उन्होंने जाति और वर्ण व्यवस्था के नाम पर लोगों का शोषण नहीं किया? ... समुदाय को भाजपा के साथ नहीं जाना चाहिए। वे जानते हैं कि यदि सामाजिक न्याय स्थापित हो गया तो शोषण की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी। भाजपा के लोग झूठ गढ़ते हैं, उसे फैलाते हैं और अंततः उसी को सच साबित करने का प्रयास करते हैं।
सिद्दरामय्या ने कहा कि 13 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ है। हरियाणा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम क्या रहे? केवल केरल में उनकी यह रणनीति सफल नहीं हो सकी। भाजपा दो बार 'ऑपरेशन कमल' के जरिए राज्य में सत्ता में आई। सत्ता में बने रहने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार ने अपने करीबी लोगों को इटली और जर्मनी भेजा था ताकि वे वहां की तानाशाही व्यवस्था का अध्ययन कर सकें। वहीं से उनमें तानाशाही का आकर्षण पैदा हुआ। यदि आप सतर्क नहीं रहे तो वे आपको समाप्त कर देंगे। इसलिए हमारे सभी वर्तमान और पूर्व विधायक, सांसद और चुनाव हार चुके उम्मीदवार भी इस बात को समझें।
सिद्दरामय्या ने कहा कि जुलाई का महीना बहुत महत्त्वपूर्ण है। आपको बीएलओ के साथ समन्वय करके उनके साथ घर-घर जाना चाहिए। साथ ही प्रत्येक बूथ पर कम-से-कम दो स्थानीय मतदाताओं को इस कार्य के लिए चुनना चाहिए। जिन्हें भविष्य में विधायक या सांसद बनने की इच्छा है, उन्हें लोकतंत्र, संविधान और देश को बचाने के लिए यह प्रयास करना चाहिए। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की कथित साजिशों को उजागर करना चाहिए। यदि एक बार देश से लोकतंत्र चला गया तो फिर गुलामी का दौर लौट आएगा — इस बात से सावधान रहें।
सिद्दरामय्या ने कहा कि ये संघ परिवार के लोग आजादी से पहले किन लोगों के संपर्क में थे, क्या आपको पता है? क्या हेडगेवार और गोलवलकर ने कभी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी? ये लोग सावरकर का महिमामंडन करते हैं, जबकि वे माफी मांगकर जेल से बाहर आए थे। क्या इनके अनुयायी देश को बचाएंगे? यदि आप जागरूक नहीं रहे तो आपका राजनीतिक भविष्य निश्चित रूप से समाप्त हो जाएगा। मेरा राजनीतिक जीवन अब समाप्ति की ओर है, लेकिन आपको अभी राजनीति में आगे बढ़ना है। इसलिए आने वाले एक महीने तक पूरी सतर्कता बरतनी होगी।
सिद्दरामय्या ने कहा कि आपके पास अभी अवसर है। यदि इस अवसर का उपयोग नहीं किया गया तो गंभीर खतरा पैदा होगा। आपको गणना फॉर्म दिया जाएगा। उसे सही ढंग से भरें और उसकी प्राप्ति की पुष्टि अवश्य लें। यही सबसे महत्त्वपूर्ण है। संविधान और देश को केवल कांग्रेस बचा सकती है। मैं आप सबसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि अगले एक महीने तक बाकी सभी काम छोड़कर एसआईआर पर नजर रखें। एक भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। आपको इसी तरह काम करना होगा।


