ध्यान आकर्षित करने का खतरनाक खेल
टंकी और टावर पर चढ़ने का चलन बढ़ता जा रहा है
ऊंची जगहों पर चढ़ने का इतना शौक है तो पर्वतारोही बन जाएं
भारत में कई लोग अपनी मांगें मनवाने के लिए विचित्र और खतरनाक तरीके अपना रहे हैं। यह चलन चिंताजनक है। ये लोग कभी टावर पर चढ़कर हंगामा करते हैं तो कभी पानी की ऊंची टंकी पर चढ़कर बवाल मचाते हैं। कुछ लोगों को अजीब खुराफात सूझ रही है। वे सनसनी फैलाने और प्रसिद्धि पाने के लिए टावर और टंकियों पर चढ़ रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि सत्तर के दशक में आई एक मशहूर फिल्म के एक दृश्य से लोगों के मन में इस विचार का उदय हुआ था। हालांकि उससे पहले भी हंगामेबाज़ लोग अजीब तरीके ढूंढ़ लेते थे। ये खुद तो मुसीबत को न्योता देते ही हैं, दूसरों की जान भी जोखिम में डालते हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक 19 वर्षीय युवक 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग थी कि गांव की ही एक युवती, जिससे उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था, के साथ उसकी शादी करवाई जाए। जो उम्र पढ़ने-लिखने और जीवन को सही दिशा देने की होती है, उसमें वह टावर पर चढ़कर शादी की ज़िद कर रहा था! अगर वह गिर जाता, हाथ-पांव तुड़वा बैठता तो सारा दोष सरकार पर डालता। ऐसे युवकों से देश क्या उम्मीद रखे? हरियाणा के सोनीपत में एक युवक ने 250 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर भारी हंगामा मचाया। उसकी जान बचाने के लिए प्रशासन को पूरे इलाके की बिजली बंद करनी पड़ी। यह नाटक लगभग पांच घंटे चला। इस दौरान बिजली गुल होने से लोग अपने घरों में परेशान रहे। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आखिरकार उस युवक को नीचे उतारा गया। राजस्थान के किशनगढ़ में एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया, जिससे हड़कंप मच गया। उसे बचाने के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। उसने टंकी के अंदर छलांग लगा दी। उसे सुरक्षित उतारने के लिए क्रेन बुलाई गई। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जांच से पता चला कि वह नशे में था।
राजस्थान के झालावाड़ जिले में पति से विवाद के बाद एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला अपने पीहर जाना चाहती थी, पति इससे इन्कार कर रहा था। घर का झगड़ा टंकी तक पहुंच गया। पुलिस ने काफी देर तक महिला को समझाया। उसके बाद वह नीचे उतरी। ऐसे लोगों ने टावर और टंकी को विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना लिया है। बिहार में एक दंपति के बीच किसी तरह का क्लेश नहीं था। वह सिर्फ इस वजह से बिजली के टावर पर चढ़ गया, क्योंकि उसे प्रसिद्ध होना था। तुरंत चर्चा में आने की यह सनक पति-पत्नी को गहरे खतरे की ओर ले गई। आस-पास के लोग उन्हें देखने के लिए इकट्ठे हो गए। किसी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें चेतावनी देकर नीचे उतारा गया। अगर उनमें से किसी को करंट लग जाता तो पूरा गुस्सा सरकार पर उतारते। साथ ही, मुआवजा और सरकारी नौकरी मांगते। ऐसी हरकतें करने वाले सभी लोगों के खिलाफ प्रशासन को सख्ती से पेश आना चाहिए। लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सबको है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई व्यक्ति टंकी या टावर पर चढ़ जाए। ये स्थान प्रसिद्धि पाने के अड्डे नहीं हैं। सबसे पहले तो यहां ऐसे पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि कोई व्यक्ति बिना अनुमति इन पर न चढ़ सके। अगर ऐसा कोई व्यक्ति टंकी या टावर पर चढ़ने में कामयाब हो जाता है, वहां हंगामा करता है, कूदने की धमकी देता है तो प्रशासन के पास ऐसी चीजों का इंतजाम होना चाहिए, जो उस परिस्थिति में व्यक्ति को सुरक्षित रखें। जब वह व्यक्ति नीचे उतर जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों को जितनी परेशानी हुई, प्रशासन को जितनी मशक्कत करनी पड़ी, उसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूल किया जाए। अगर ऊंची जगहों पर चढ़ने का इतना शौक है तो पर्वतारोही बन जाएं और संसार की बड़ी पर्वत चोटियों पर चढ़कर कीर्तिमान बनाएं। टावर और टंकी जनता की सुविधा के लिए हैं। इन पर चढ़कर हुड़दंग मचाने का अधिकार किसी को नहीं है।

