तोड़फोड़ से क्षतिग्रस्त संपत्ति की कीमत का तीन गुना वसूलेगी बंगाल सरकार: सुवेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी
Photo: SuvenduWB FB Page
कोलकाता/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए बने एक कड़े एवं नए कानून के तहत तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई संपत्ति की कीमत से तीन गुना ज़्यादा रकम वसूलकर करेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाने पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
भवानीपुर में सिविल सोसाइटी और उद्योग जगत के सदस्यों के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह विरोध हिंसा या औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आरोपी नुकसान की भरपाई नहीं करता है तो उसकी संपत्तियों की नीलामी करके भी वसूली की जाएगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने 28 जून को कानून-व्यवस्था से जुड़े दो बिल पास किए, जिनका मकसद संगठित अपराध और सार्वजनिक अव्यवस्था से निपटने के लिए राज्य की शक्तियों को और मजबूत करना है।
ये दो कानून हैं: 'वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट', जो दंगों, गैर-कानूनी सभाओं और हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान के लिए लोगों को आर्थिक रूप से ज़िम्मेदार ठहराता है; और 'वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ़ एंटी-सोशल एक्टिविटीज़ बिल', जिसमें बिना मुक़दमे के 12 महीने तक एहतियाती हिरासत का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा, 'अगर कोई ज़बरदस्ती किसी इंडस्ट्रियल यूनिट को बंद करता है और उसमें तोड़-फोड़ करता है, तो उसे जेल होगी और नुकसान से तीन गुना ज़्यादा जुर्माना भरना होगा। अगर नुकसान हुई प्रॉपर्टी की कीमत 1 करोड़ रुपए है, तो उन्हें 3 करोड़ रुपए देने होंगे।'


