गोम्मटगिरि में हुआ 68वां मस्तकाभिषेक

गोम्मटगिरि में हुआ 68वां मस्तकाभिषेक

मैसूरु। हजारों भक्तों की उपस्थिति में रविवार को श्री गोम्मटगिरि क्षेत्र सेवा समिति, मैसूरू के तत्वावधान में हुंसूर तालुक के बिलीकेरे होबली के बेत्तादूर गांव के पास गोम्मटगिरि में ६८वीं मस्तकाभिषेक पूजा आयोजित की गई। जैन धर्मावलम्बियों का यह वार्षिक अनुष्ठान है। माना जाता है कि १८ फीट लंबी एक प्रतिमा को करीब ८५० वर्ष पूर्व गंग राजवंश के राजाओं ने स्थापित कराया था। काले ग्रेनाइट के एकल पत्थर से बनी इस मूर्ति पर मस्तकाभिषेक के दौरान विभिन्न प्रकार का मिश्रण चढाया गया। अनुष्ठान १२ बजे से शुरु हुआ और दूध, हल्दी, फूला हुआ चावल और चंदन के पेस्ट के अलावा अन्य वस्तुओ से करीब दो घंटे तक मस्तकाभिषेक का विधान चला। इस दौरान अभिषेक में हल्दी, कुमकुम, चन्दन, नौवेद नारियल, केसर, गन्ना रस, अष्टगंध और अन्य पूजा वस्तुओं के अर्पण के बाद जलाभिषेक हुआ। शिवमोग्गा जिले के श्रीक्षेत्र होम्बुज जैन मठ के डॉ देवेन्द्रकीर्ति भट्टारक पट्टाचार्यवर्या स्वामीजी के मार्गदर्शन में अनुष्ठान आयोजित किए गए। समिति के अध्यक्ष जी.ए. सुरेश कुमार, सचिव डॉ एम वी शांतकुमार, हुंसुर विधायक एच.पी. मंजुनाथ के अतिरिक्त हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। मस्तकाभिषेक को देखते हुए केएसआरटीसी ने मैसूरु और अन्य स्थानों के लिए विशेष बसें चलाई थीं।

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