ये है मां सरस्वती का वो रूप जिसकी सदियों से पूजा कर रहा है जापान

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टोक्यो। भारत में जब किसी बालक-बालिका का विद्यालय में दाखिला कराया जाता है तो उससे सरस्वती की पूजा कराई जाती है। मां सरस्वती ज्ञान, विवेक, कला और बुद्धि की देवी हैं। क्या आप जानते हैं भारत के अलावा एक और देश है जहां बहुत पुराने जमाने से सरस्वती का पूजन हो रहा है? हालांकि यहां देवी का नाम थोड़ा अलग है, परंतु वेशभूषा, शृंगार और पूजन से मिलने वाली सिद्धियां समान हैं।

यह देश है जापान। जी हां, छोटा-सा देश जापान, जहां के लोग देशभक्ति, तकनीकी विकास और स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं। यहां सदियों से देवी सरस्वती के एक दिव्य स्वरूप की पूजा की जाती है। देवी के इस रूप का नाम है बेंजैतेन।

बेंजैतेन देवी का स्वरूप बिल्कुल सरस्वती जैसा ही है। आश्चर्यजनक रूप से जापान के लोग इन्हें भी ज्ञान, विवेक, कला और बुद्धि की देवी मानते हैं। उनका विश्वास है कि जिस पर बेंजैतेन देवी की कृपा होती है, वह जरूर सफलता प्राप्त करता है। खासतौर पर संगीत के विद्यार्थियों का जीवन तो बेंजैतेन देवी के पूजन बिना अधूरा ही माना जाता है।

हम सभी जानते हैं कि देवी सरस्वती का प्रिय वाद्य वीणा है। इसी प्रकार बेंजैतेन भी एक जापानी वाद्ययंत्र धारण करती हैं, जो दिखने में काफी हद तक वीणा जैसा ही है। इस वाद्ययंत्र को जापानी में बिवाह कहा जाता है।

हमारे देश में सरस्वती के नाम पर एक प्राचीन नदी के नामकरण का उल्लेख मिलता है। जापान में भी बेंजैतेन के नाम पर एक झील है। जापानी समाज उस झील के पानी को दिव्य गुणों से युक्त मानता है। भारत से बहुत दूर सनातन धर्म व संस्कृति की यह झलक निश्चित रूप से मन मोह लेती है।

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