नाराज़ कांग्रेस विधायकों को शिवकुमार की चेतावनी- 'इस्तीफ़े देंगे तो स्वीकार कर लिए जाएंगे'
'पार्टी महत्त्वपूर्ण है'
Photo: DKShivakumar.official FB Page
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कैबिनेट विस्तार में जगह न मिलने पर इस्तीफ़े की धमकी देने वाले नाराज़ कांग्रेस विधायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि पार्टी महत्त्वपूर्ण है; अगर वे इस्तीफ़ा देते हैं तो उसे कुछ ही मिनटों में मंज़ूर कर लिया जाएगा।
नाराज़ विधायकों से धैर्य रखने और अपने मौक़े का इंतज़ार करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी बोर्ड और निगमों में जल्द ही पद भरे जाएंगे।विधायकों के इस्तीफ़ा की धमकी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा, 'मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया है ... राजनीति में इस्तीफ़े होते रहते हैं। इस्तीफ़ा देने वालों को कोई रोक नहीं सकता। अगर वे पार्टी और अपने भविष्य को चाहते हैं, तो पार्टी ज़रूरी है। अगर पार्टी है, तो बाकी सबकुछ है।'
बता दें कि कर्नाटक में बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार सोमवार को हो गया, लेकिन इसके साथ ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आ गया। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे कुछ विधायकों को कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाराज नेताओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि आज वे जिस पद पर हैं, वहां तक पहुंचने में धैर्य ने ही उनकी मदद की है।
उन्होंने ऐसे समय यह अपील की, जब पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। मंत्री पद के कुछ दावेदारों के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि दो विधायकों ने विधायक पद से इस्तीफा देने की पेशकश की।
शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘कई विधायक हैं और उनमें से कई मंत्री बनने के योग्य हैं। मैं इससे इन्कार नहीं कर रहा हूं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पार्टी को निर्णय लेना पड़ता है। वर्ष 2004 में मुझे भी मंत्री नहीं बनाया गया था। सिद्दरामय्या सरकार (2013-18) के दौरान भी शुरुआत में मुझे कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया था। मैंने धैर्य बनाए रखा।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आज मैं इसी धैर्य की वजह से इस पद पर बैठा हूं। मैं सभी से धैर्य रखने का आग्रह करता हूं। हम सभी के लिए अवसर पैदा करेंगे। कृपया धैर्य रखें।’
कैबिनेट विस्तार में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल ने सोमवार को विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। सागर से विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने की मंशा जाहिर की।
गोपालकृष्ण ने कहा, ‘मैं बेहद निराश हूं। ऐसा लगता है कि केवल प्रभावशाली लोगों और पूर्व मुख्यमंत्रियों तथा वरिष्ठ नेताओं के बच्चों को ही महत्त्व दिया जाता है, सामान्य विधायकों को नहीं। इससे मैं आहत हूं। मैं कल विधायक पद से इस्तीफा दूंगा।’


